मौत से ठीक पहले क्या होता है? जीवन के सबसे बड़े रहस्य से उठा पर्दा
हर इंसान की जिंदगी में मौत एक ऐसी चीज है। जिससे आज तक कोई नहीं बच पाया। आपके मन में भी कई बार ये सवाल जरूर आया होगा की मृत्यु के बाद क्या होता है? मरने से कुछ वक्त पहले तक किसी भी मानव के दिमाग में क्या चल रहा होता है या फिर वो क्या सोचता है इस बारे में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है।
Brain Last Activity: हर इंसान की जिंदगी में मौत एक ऐसी चीज है। जिससे आज तक कोई नहीं बच पाया। आपके मन में भी कई बार ये सवाल जरूर आया होगा की मृत्यु के बाद क्या होता है? मरने से कुछ वक्त पहले तक किसी भी मानव के दिमाग में क्या चल रहा होता है या फिर वो क्या सोचता है इस बारे में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है। पहली बार, न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने एक मरते हुए इंसान के दिमाग की गतिविधि को रिकॉर्ड किया है। इसमें पता चला है कि मरने से पहले व्यक्ति उसके जीवन में जो कुछ हुआ है उनकी झलकियां देख सकता है। इसे ‘लाइफ रिव्यू’ कहा जाता है। ऐसे लोग जो मौत के बेहद करीब पहुंच गए उन्होंने इस तरह की चीजों का अनुभव किया है।
क्या होता है लाइफ रिव्यू?
रिपोर्ट के मुताबिक, लाइफ रिव्यू एक ऐसा अनुभव है जिसमें व्यक्ति को अपनी पूरी जिंदगी की घटनाएं याद आती हैं। जैसे एक झलक में पूरे जीवन का इतिहास दिखने लगता है। यह वही अनुभव है जिसे लोग जीवन का फिल्म की तरह फ्लैश होना बताते हैं। वैज्ञानिकों ने अब पहली बार एक मरे हुए इंसान के दिमाग की गतिविधि रिकॉर्ड की है जिससे यह पता चला है कि मृत्यु से पहले ऐसा सच में होता है।
मरने से पहले ये सोचता है दिमाग
मरने से पहले जीवन सच में हमारी आंखों के सामने होता है। जब किसी भी आदमी की मृत्यु का वक्त नजदीक होता है तो उसका दिमाग आखिरी समय में अपने जीवन के अच्छे पलों को याद करता है। वैज्ञानिकों ने ब्रेन को कैप्चर करके रिकॉर्डिंग के जरिए इस बात का पता लगाया कि आखिरी वक्त में कोई मानव क्या सोच रहा होता है। ये रिकॉर्डिंग इलाज के दौरान गलती से हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक 87 साल के एक बुर्जुग को मिर्गी की समस्या थी। जिसका इलाज एक हॉस्पिटल में किया जा रहा था। अचानक से उस बुजुर्ग मरीज को दिल का दौरा पड़ता है और उसकी मौत हो जाती है।
दिमाग अच्छे पलों को करता है याद

दरअसल, मरने के दौरान मरीज की रिकॉर्डिंग में पाया गया कि वो शख्स मरने से पहले अपने जीवन के अच्छे पलों और उससे जुड़ी यादों के विचार में खोया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक मानव ब्रेन वेव की रिकॉर्डिंग EEG पर हुई। डॉ. जेमर का कहना है कि दिल रुकने से ठीक पहले और बाद में हमने दिमाग की गामा ऑसिलेशन्स में बदलाव देखा। यह लहरे याद करने से जुड़ी होती हैं। ब्रेन वेव्स जीवित इंसान के दिमाग में मौजूद इलेक्ट्रिकल संकेतों के पैटर्न होते हैं। जो अलग-अलग दिमागी कार्यों और चेतना की स्थिति दिखाते हैं।
मरने के 7 मिनट बाद तक काम करता है दिमाग
कई सूत्रों का कहना ये है कि मृत घोषित होने के बाद भी इंसान का दिमाग 7 मिनट तक काम करता है। शोधकर्ताओं ने मृत्यु के दौरान 7 मिनट तक मस्तिष्क की गतिविधियों पर शोध किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्रेन का कॉर्टेक्स ऑनलाइन लौटता है, तो वहां कितना ऑक्सीजन उसमे पहुंचता है। साथ ही देखा गया कि सेरेब्रल कॉर्टेक्स से लेकर मनुष्य के शरीर के अन्य क्षेत्रों में भी गतिविधि बढ़ जाती है।
