The Kerala Story 2 Release Postponed
The Kerala Story 2 Release Postponed

Overview: रिलीज से पहले विवादों में घिरी ‘द केरल स्टोरी 2

‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज का टलना यह साफ दिखाता है कि आज भी CBFC की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया फिल्मों के भविष्य में अहम भूमिका निभाती है। A, U और U/A सर्टिफिकेट सिर्फ तकनीकी टैग नहीं हैं, बल्कि वे यह तय करते हैं कि फिल्म किस दर्शक वर्ग तक पहुंचेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि सेंसर बोर्ड और मेकर्स के बीच सहमति बनने के बाद यह फिल्म कब सिनेमाघरों में दस्तक देती है।

The Kerala Story 2 Release Postponed: फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह ट्रेलर या कहानी नहीं, बल्कि इसकी रिलीज का टलना है। बताया जा रहा है कि फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) की रेटिंग पर सवाल खड़े हुए हैं, जिसके चलते मेकर्स ने रिलीज को फिलहाल टाल दिया है। इस पूरे विवाद के बीच दर्शकों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—आखिर CBFC की A, U और U/A सर्टिफिकेशन का असली मतलब क्या होता है और यह किसी फिल्म की रिलीज को कैसे प्रभावित करता है?

क्यों टली ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज

सूत्रों के मुताबिक, ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर कुछ संवेदनशील विषयों पर आपत्ति जताई गई है। CBFC द्वारा दी जाने वाली सर्टिफिकेशन को लेकर मतभेद सामने आए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। मेकर्स का कहना है कि वे सेंसर बोर्ड के सुझावों और निर्देशों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, ताकि फिल्म बिना किसी कानूनी या सामाजिक विवाद के दर्शकों तक पहुंच सके।

CBFC क्या है और इसका काम क्या होता है

CBFC यानी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत में फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति देता है। बोर्ड यह तय करता है कि कोई फिल्म सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त है या नहीं। इसके साथ ही, अगर किसी कंटेंट को आपत्तिजनक, हिंसक या संवेदनशील माना जाता है, तो उसमें बदलाव या कट लगाने की सलाह भी दी जाती है। यही वजह है कि कई बार फिल्मों की रिलीज में देरी हो जाती है।

U सर्टिफिकेट का मतलब क्या है

U (Universal) सर्टिफिकेट का अर्थ है कि फिल्म हर उम्र के दर्शक देख सकते हैं। इसमें ऐसा कोई दृश्य या भाषा नहीं होती जो बच्चों के लिए अनुचित हो। आमतौर पर पारिवारिक फिल्में, एनिमेशन और हल्के-फुल्के मनोरंजन वाली मूवीज को यह रेटिंग दी जाती है। इस सर्टिफिकेट के बाद फिल्म को लेकर ज्यादा विवाद की गुंजाइश नहीं रहती।

U/A सर्टिफिकेट क्यों होता है सबसे ज्यादा चर्चित

U/A (Parental Guidance) सर्टिफिकेट का मतलब है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे यह फिल्म माता-पिता की निगरानी में देख सकते हैं। इस कैटेगरी में अक्सर ऐसी फिल्में आती हैं जिनमें हल्की हिंसा, भावनात्मक दृश्य या सामाजिक मुद्दे होते हैं। ‘द केरल स्टोरी 2’ जैसी फिल्मों को लेकर अक्सर यही बहस होती है कि क्या उनका कंटेंट U/A के दायरे में आता है या नहीं।

A सर्टिफिकेट से क्यों घबराते हैं मेकर्स

A (Adult) सर्टिफिकेट सिर्फ 18 साल से ऊपर के दर्शकों के लिए होता है। इसमें गंभीर हिंसा, बोल्ड सीन या संवेदनशील विषय शामिल हो सकते हैं। इस रेटिंग से फिल्म का दर्शक वर्ग सीमित हो जाता है, जिसका सीधा असर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ता है। यही वजह है कि कई निर्माता A सर्टिफिकेट से बचने की कोशिश करते हैं।

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मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...