Ronit Roy and Amitabh Bachchan
Ronit Roy and Amitabh Bachchan

Summary: "टीवी के अमिताभ" कहलाने पर रोनित रॉय ने बदले अपने जीवन के नियम

रोनित रॉय, जिन्हें लम्बे समय तक ‘टीवी का अमिताभ बच्चन’ कहा गया, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने जीवन में आए बदलावों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि यह उपाधि उन्हें गर्व तो देती थी, लेकिन इसके साथ एक सकारात्मक दबाव भी आया, जिससे उन्हें अपनी आदतों और सोच में सुधार करना पड़ा।

Ronit Roy News: भारतीय टेलीविजन के कुछ चेहरे ऐसे हैं, जो केवल अपनी एक्टिंग से नहीं, बल्कि अपनी पर्सनालिटी और शानदार इमेज से लाखों दिलों में जगह बना लेते हैं। रोनित रॉय उन्हीं चेहरों में से एक हैं, जिन्हें लंबे समय तक ‘टीवी का अमिताभ बच्चन’ कहा जाता रहा। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मिहिर और ‘कसौटी जिंदगी की’ में मिस्टर बजाज के रूप में उनका किरदार दर्शकों के मन में आज भी जीवित है। हाल ही में एक इंटरव्यू में रोनित रॉय ने इस तुलना के पीछे की कहानी, अपनी पुरानी आदतें और जीवन में आए बदलावों को बहुत ही सच्चाई और ईमानदारी से शेयर किया।

हाल ही में एक इंटरव्यू में रोनित रॉय ने कहा कि अमिताभ बच्चन से तुलना होना एक गर्व की बात जरूर है, लेकिन उनके संघर्ष और सफलता को देखकर वह खुद को कभी भी उस स्तर का नहीं मानते। उन्होंने कहा, “ये तुलना कभी हो ही नहीं सकती। पर मैं एक बात जानता हूं। मैं बैठा हूं उनके साथ, बातें हुई हैं पर मेरे मन में कोई संशय नहीं कि उनका संघर्ष बहुत बड़ा था। उसमें से निकल कर, आकर, लड़कर, जीतकर वापस आना बड़ी बात है।” रोनित की इन बातों में विनम्रता और आत्मचिंतन साफ झलकती है। जहां एक ओर कई लोग इस तुलना पर इतराते, वहीं रोनित ने इसे एक प्रेरणा की तरह लिया—कुछ ऐसा जो उनके जीवन की दिशा बदल दे।

रोनित ने आगे कहा, “मुझे टेलीविजन का अमिताभ बच्चन कहलाने पर बहुत गर्व है। इसने मेरी जिंदगी बदल दी। हमें पेट्रोल के खर्च वगैरह के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन जब मैं टीवी पर आया और मुझे टीवी का अमिताभ बच्चन कहा जाने लगा, तो एक दिन मैं और मेरी पत्नी नीलम कहीं जा रहे थे और इस बारे में बात कर रहे थे। अब इसका एक सकारात्मक दबाव था। मैंने सोचा, आप अपनी आदतें बदलो और उनको फॉलो करो। आपसे कोई गलती न हो जाए जो उन पर रिफ्लेक्ट न करे। आप कोई ऐसा काम न करो। टर्निंग पॉइंट यही हुआ कि मेरी आदतें बदली।’

रोनित ने खुले दिल से स्वीकार किया कि उन्होंने युवावस्था में वैसी ही जिंदगी जी जैसे ज्यादातर युवा जीते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने सब कुछ किया है जो एक जवान लड़का करता है, ड्रग्स छोड़ कर। मैं ड्रिंक करता था तब, अब नहीं करता।” उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समय के प्रति वे हमेशा अनुशासित रहे हैं, “मैं जिंदगी में कभी किसी काम में देर नहीं हुआ। जब से होश संभाला, मैं कभी लेट नहीं रहा।”

इस बातचीत में रोनित ने सिर्फ बाहरी आदतों की ही बात नहीं की, बल्कि मन की दुर्बलताओं पर भी खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा, “फिर कुछ बुरी आदतें आपकी सोच में होती हैं, जैसे कि ईर्ष्या। तो ये सारे बदलाव मेरे में तबसे आएं जबसे उनके नाम के साथ मेरी तुलना होने लगी। बड़ा आदमी कैसा होता है? उनके जैसा होता है? तो वो बातें तो अपने अंदर लाओ।”

रोनित रॉय का सफर सिर्फ एक एक्टर का नहीं, बल्कि एक इंसान का है जो हर दिन बेहतर बनने की कोशिश करता है। वह केवल “टीवी के अमिताभ” नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो अपनी जिंदगी में बदलाव लाना चाहते हैं। रोनित रॉय इस समय सोनी लिव के शो “चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान” में नजर आ रहे हैं। 

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...