Shilpa Shirodkar Was Rejected For Chaiyya Chaiyya
Shilpa Shirodkar Was Rejected For Chaiyya Chaiyya

Overview:शिल्पा शिरोडकर ने बताया कि उन्हें सुपरहिट गाने छैंया-छैंया से क्यों बाहर कर दिया गया था

शिल्पा शिरोडकर का ‘छैंया-छैंया’ से जुड़ा खुलासा यह दर्शाता है कि बॉलीवुड में टैलेंट की जगह कई बार बाहरी खूबसूरती और शरीर के आकार को तरजीह दी जाती है। उनकी यह कहानी न सिर्फ उस दौर की सोच को उजागर करती है, बल्कि आज भी ग्लैमर इंडस्ट्री में मौजूद डबल स्टैंडर्ड्स पर सवाल उठाती है।

Shilpa Shirodkar Was Rejected For Chaiyya Chaiyya(Shilpa Shirodkar News): बॉलीवुड की ग्लैमरस दुनिया में कलाकारों को अक्सर अपनी प्रतिभा के साथ-साथ लुक्स और फिटनेस पर भी जज किया जाता है। 90 के दशक की जानी-मानी अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें शाहरुख खान और मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए सुपरहिट गाने ‘छैंया-छैंया’ में लेने की योजना थी, लेकिन उन्हें वजन के कारण रिजेक्ट कर दिया गया।

‘छैंया-छैंया’ गाने की लोकप्रियता

1998 में रिलीज़ हुई फिल्म दिल से का गाना ‘छैंया-छैंया’ आज भी सुपरहिट सॉन्ग्स में गिना जाता है। ए.आर. रहमान के संगीत और फर्रुखाबाद की छत पर शूट किए इस गाने ने इतिहास रच दिया था।

शिल्पा शिरोडकर का दर्दनाक अनुभव

शिल्पा ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें गाना करने का मौका मिला था, लेकिन अचानक उन्हें बाहर कर दिया गया। कारण सिर्फ उनका वजन बताया गया।

वजन को लेकर बॉलीवुड की सोच

शिल्पा का अनुभव दिखाता है कि उस दौर में इंडस्ट्री में एक्टिंग और टैलेंट से ज्यादा लुक्स और बॉडी शेप को महत्व दिया जाता था। इसी वजह से उन्हें इस गाने से हाथ धोना पड़ा।

रिजेक्शन का असर करियर पर

शिल्पा बताती हैं कि इस घटना ने उन्हें गहरा धक्का दिया। वे समझ नहीं पा रही थीं कि जब टैलेंट है तो सिर्फ वजन के आधार पर क्यों रिजेक्ट किया गया। हालांकि, उन्होंने इसे अपनी कमजोरी न बनाकर और मेहनत करने का फैसला किया।

मलाइका अरोड़ा की किस्मत का चमकना

जहां शिल्पा को रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, वहीं उसी गाने ने मलाइका अरोड़ा को एक आइकॉन बना दिया। यह किस्मत का खेल भी माना जा सकता है।

इंडस्ट्री के डबल स्टैंडर्ड्स

एक तरफ एक्टर्स के लिए ‘परफेक्ट बॉडी’ की डिमांड की जाती है, वहीं मेल एक्टर्स को अक्सर इस आधार पर नहीं परखा जाता। यही भेदभाव आज भी बहस का मुद्दा है।

शिल्पा का आज का नज़रिया

आज शिल्पा शिरोडकर इस घटना को एक अनुभव मानती हैं। वे कहती हैं कि हर रिजेक्शन हमें मजबूत बनाता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...