स्टार प्लस के नए धारावाहिक ‘मेरी दुर्गा’ अब रोज शाम 6.30 बजे छोटे पर्दे पर दंगल करते नजर आएंगी। इस धारावाहिक में पिता और बेटी का एक अनूठा रिश्ता दर्शाया गया है जो की दर्शकों को बहुत लुभा रहा है। इस धारावाहिक के निर्माता हैं पेपरबैक फिल्म्स जो बनी है निर्देशक रविंद्र गौतम और निर्माता प्रदीप कुमार के साझेदारी से। प्रदीप कहते हैं कि उन्हें 2000 किलोमीटर और 16 साल के परिश्रम के बाद मिली है ‘मेरी दुर्गा’।

प्रदीप कुमार का जन्म बिहार के बेतीआह में हुआ था। भारतीय जलसेना की परीक्षा देने मुम्बई आये प्रदीप ने कभी यह न सोचा था कि वह एक निर्माता बनेंगे। अपनी मेहनत और लगन से बहुत ही कम समय में प्रदीप कुमार ने निर्माण कार्य में अपनी एक पहचान बना ली। पेपरबैक फिल्म्स की शरुवात से पहले वह शकुंतलम टेलेफिम्स में प्रोडक्शन हेड के पद पर कार्यरस्थ थे जहाँ उन्होंने ‘रेत’, ‘बनूँ में तेरी दुल्हन’, ‘ना आना इस देस लाडो’, ‘रक्षक’, ‘शास्त्री सिस्टर्स’, और ‘हेल्लो प्रतिभा’ जैसे धारावाहिको का निर्माण किया।
इस मौके पर बात करते हुए प्रदीप ने कहा कि “में पूरी तरह दुर्गा के किरदार से अलग हूँ। मुझे पढ़ना बहुत पसंद है। हम इस शो के जरिए भारत की शिक्षा प्रणाली पर प्रकाश डाल रहें हैं और माता-पिता को यह सन्देश दे रहें हैं कि वह अपने बच्चों की स्वाभाविक कुशलता को पहचान कर उसे सराहें।”
बेटी शिक्षा पर है आधारित ये धारावाहिक
हरियाणा जैसे राज्य की एक कहानी है जहाँ बेटियों को पढ़ाई-लिखाई की जगह घर व खेतों में काम करने के लिए जोर दिया जाता है। लेकिन दुर्गा के पिता यशपाल चौधरी बेटे और बेटी में कोई फर्क नही रखते है। लिहाजा स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत यशपाल अपनी 12 साल की दुर्गा को पढ़ा लिखाकर उसके भविष्य को उज्जवल देखना चाहते है। वहीं नटखट दुर्गा को पढ़ाई की बजाय पतंगों के पीछे भागना और नदियों में तैरना पसंद है। एक पिता के अरमान और बेटी की ख्वाहिशो के ताने-बाने को लेकर बुनी गई ये कहानी है ‘मेरी दुर्गा’।
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