ज़ी टीवी पर जल्दी ही एक नया शो शुरू होने जा रहा है ”अम्मा” . इस शो की कहानी अम्मा यानि उर्वशी शर्मा के किरदार के आस -पास ही घूमती है।52 एपिसोड की इस सीमित सीरीज में ये दो बच्चों की मां ज़ीनत की कहानी है। ये कहानी एक ऐसी औरत की कहानी है जिसे सबने ठुकराया और जब वो अपनी बच्ची के साथ अकेली पड़ गई तब उसने अपने अंदर की शक्ति को ,आत्मविश्वास को पहचाना कि वो भी अपने दम पर कुछ करने की ताकत रखती है। एक मां जो लाखों के लिए बनी अम्मा‘ एक औरत के सब्र और साहस की कहानी है। उर्वशी शर्मा से हुई बातचीत के कुछ अंश-
इस शो में आपको ऐसी क्या ख़ास बात लगी कि अपने बॉलीवुड से टेलीवुड का रुख किया ?
इस शो में मेरा किरदार एक मजबूत माँ का था और एक माँ के लिए माँ का किरदार करना कोई मुश्किल बात नहीं थी। हां अगर ये रोल मुझे 5 साल पहले मिला होता ,जब मैं माँ नहीं थी तो शायद मैं इसे इतने अच्छे से नहीं कर पाती। इस शो में आपको ऑल इन वन सब मिलेगा। इसमें कोई अन्धविश्वास या सास-बहु ड्रामा नहीं है।
इस तरह के किरदार से शुरुआत करके क्या आपको एक इमेज में बंधने का डर नहीं लगा ?
देखिये मुझे इस किरदार में वो सब नज़र आया जो एक औरत को सम्पूर्ण बनाता ,है इसीलिए मैने ये किरदार चुना और मुझे नहीं लगता कि किसी एक रोल को करने से आप किसी इमेज में बंध जाते हैं।

आप इस शो में एक लीडिंग और पावरफुल रोल कर रही हैं? एक औरत होने के नाते कैसा लगा आपको उस पावर को महसूस करना जिसे रियल लाइफ में आप नहीं पा सकती हैं ?
मुझे इस रोल को करना बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि रियल लाइफ में भी सारी पावर मेरे ही हाथ में है और अपने घर की अम्मा में ही हूँ ।
अभी तक इस शो की काफी शूटिंग कर चुकी हैं तो आपको टीवी शो की शूटिंग में और फिल्मों की शूटिंग में क्या फर्क लगा।
फर्क तो बहुत है क्योंकि फिल्म की शूटिंग में हम लोग पूरे दिन की शूटिंग में मुश्किल से सिर्फ 4 घंटे शूट करते हैं, उसमे भी 1 या 2 सीन। जबकि टीवी शूटिंग में यहाँ कैमरा लगा है, वहां लगा है ,कम से कम 5-6 कैमरे लगे होते है और एक सीन खत्म होते ही दूसरा सीन शुरू हो जाता है एक दिन में 6 सीन तक करने पड़ते हैं।
आपकी आइडियल लेडी कौन है ?
मेरी आइडियल लेडी मेरी माँ है और वो एक अपने बनाए उसूलों पर ही चलती है।
इस किरदार से रियल लाइफ उर्वशी की कितनी बातें मिलती है ?
इस किरदार से मेरी काफी बातें मिलती है क्योकि अपने घर की लेडी डॉन मैं ही हूँ।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री ,आगे हम उर्वशी को कहां देखेंगे ?
देखिये जहां किस्मत ले जाये, जो भी अच्छा प्रोजेक्ट मिलेगा तो मैँ वही करुँगी।
क्या आपके पति ने आपको फिर से काम लिए सपोर्ट किया
जी हां बिलकुल मेरे पति मुझे हर काम में सपोर्ट करते है। वो शॉपिंग हो चाहे कही आना-जाना हो ,वो किसी बात के लिए मुझे नहीं टोकते। उन्होंने मुझे कभी किसी चीज़ के लिए बजट नहीं दिया और फिर से काम शुरू करने के लिए भी कभी मना नहीं किया।
हमेशा अपने हक के लिए लड़ना सीखें।कभी किसी से डरे नहीं,हमेशा खुद को अंदर से मजबूत बनाएं और अपनी आवाज को दबने ना दें ।

कौन है स्टारकास्ट –

भारत की सबसे ऐतिहासिक त्रासदियों में से एक बंटवारे के दौरान ज़ीनत का पति उन्हें छोड़ देता है। ऐसे समय में जब महिलाओं को उनकी मान्यता के आधार पर बेरहमी से शिकार बनाया जा रहा था और उन्हें न तो जीने की आजादी थी और न हीं कोई सुरक्षा, ऐसे में ज़ीनत के सामने केवल दो ही विकल्प थे – 1. खुद को संभाले और सबकुछ सहती रहे। 2.अपने भीतर की चिंगारी भड़काए और बगावत कर दे। स्पष्ट रूप से उन्होंने दूसरा विकल्प चुना और आने वाले कई दशकों तक एक बड़ी ताकत बनकर उभरीं। ज़ीनत यकीनन आज की महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल हैं। एक मां होने से लेकर लाखों लोगों के लिए अम्मा बनने तक का उनका सफर असंख्य महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण की तरह है।
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