नुश ब्राण्ड का आइडिया कहाँ से आया? और नेक्स्ट क्या नया धमाका करने वाली है ?
मैं पिछले दो साल से इस ब्राण्ड के लिए काम कर रही हूं। इस काम में पूरी एक टीम मेरे साथ है। हम ने बहुत डिटेलिंग में जाकर काम किया है। मुझे बहुत समय से इस बिज़नेस में आने का मन था । मेरे दिमाग़ में बहुत सारे आइडियाज़ आते रहते हैं। कई बार तो वो एक ही बार में रेजेक्ट हो जाते है क्यूंकि वे काफ़ी स्टूपिड होते हैं, लेकिन नुश का आइडिया सबको पसंद आया और फ़ाइनली ये ब्राण्ड लाँच हो गया । मैं आगे और क्या करने वाली हूँ ये बताना बहुत मुश्किल है क्योंकि जब तक कुछ रेडी ना हो मैं चुप ही रहती हूँ । हो सकता है की नुश से इतना पैसा आ जाए कि एक टीम ही ख़रीद लूं ।
कपड़े में आपकी ख़ुद की पसंद क्या है ?
मेरे लिए हमेशा से कपड़े बहुत ख़ास रहे है । मुझे सिर्फ़ और सिर्फ़ कमर्फटेबल कपड़े पहनना पसंद है। कपड़े का माटीरियल अच्छा हो, जिसका फ़ॉल अच्छा आए, साथ ही वो मौसम के अनुसार हो। फ़िल्मी पार्टीज़ में या इवेंट्स में हम जो भी पहनते है वो अलग होता है लेकिन रियल लाइफ़ में मेरी चॉइस अलग है।
मेरे लिए पॉकेट मस्ट है चाहे वो जींस हो या पैंट या कोई ड्रेस या गाउन हो, पॉकेट के बिना मुझे कुछ अधूरापन लगता है और साथ ही पॉकेट सही जगह पर होना चाहिए एकदम सामने वाले पॉकेट बहुत अनकम्फ़्टर्बल होते है ।
आपने अपने ब्रांड में किन बातों पर विशेष ध्यान दिया है ?
मैंने अपने कपड़ों के डिज़ाइन्स में विशेष ध्यान दिया है। हमेशा देखा गया है कि किसी भी ड्रेस की स्लीवस कम्फ़्टर्बल नहीं होती है या तो ज़्यादा लम्बी होंगी या छोटी। इसलिए हर ड्रेस की स्लीव्ज़ का नाप सही रखा गया है । ड्रेस की फ़िटिंग अगर सही नहीं हो तो आप पूरे समय उसे ठीक करते रह जाते हैं । इस बात का ख़ास ख़याल रखा गया है कि माटीरियल पतला ना हो, पारदर्शी ना हो क्यूंकि अगर हम कुछ ग़लत पहन ले तो सबसे पहले हमारे फ़ोटोग्राफेर ही फ़ोटो खींच कर छाप देंगे ।
आपका ड्रेस सेन्स या स्टाइल किससे प्रेरित है ?
मेरा ड्रेस सेंस या स्टाइल मेरी मम्मी जैसा है। मैंने उनसे ही तैयार होना सीखा है। जैसा कि आप जानती है कि मेरे पापा आर्मी में थे, तो जहाँ भी उनकी पोस्टिंग होती थी मम्मी उस जगह की ख़ास साड़ी या ड्रेस ज़रूर ख़रीदती थी। आज तो हर चीज़ इंटर्नेट पर अवेलबल है। आप घर में बैठ कर कोई भी आइटम मंगा सकते हैं किंतु तब ऐसा नहीं था। कांजीवरम साड़ी साउथ में ही मिलती थी या बनारसी साड़ी बनारस में ही मिलती थी । मैं आज भी कभी कभी अपनी मम्मी के बेहतरीन साड़ी कलेक्शन में से साड़ी निकाल कर पहनती हूं । फिल्म इंडस्ट्री में सोनम, दीपिका, प्रियंका कई लोग हैं जिनका ड्रेस सेन्स और स्टाइल बहुत अच्छा है।
आज का फ़ैशन या फ़ैशन इंडस्ट्री कहाँ जा रही है ?
मुझे लगता है कि आज तो फ़ैशन अपने पीक पर है। पहले सिर्फ फिल्मों में फैशन दिखता था किंतु आज तो हर जगह चाहे मेट्रो सिटी हो या छोटा शहर हो, सब को फैशन करना आ गया है। फैशन शो के ड्रेसेज़ जो रैम्प पर देखने को मिलते थे, वैसे कपड़े आज आम लोग भी पहन रहे हैं। फैशन इंडस्ट्री में इन कुछ सालों में ज़बरदस्त ग्रोथ हुई है। पहले साल में एक फ़ैशन वीक होता था अब तो पूरे साल फ़ैशन वीक होते हैं। डिज़ाइनर भी अपना बेस्ट दे रहे हैं। मुझे लगता है कि नुश लाँच करना एक सही निर्णय है ।
