Anupam Kher spoke out against Naseeruddin Shah saying His mask has not come off yet
Anupam Kher spoke out against Naseeruddin Shah saying His mask has not come off yet

Overview: नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ हुए अनुपम खेर

भारतीय सिनेमा के दो महारथी, अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह के बीच चली जुबानी जंग पिछले कुछ सालों से सुर्खियों में रही है।

Anupam Kher and Naseeruddin Shah: भारतीय सिनेमा के दो महारथी, अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह के बीच चली जुबानी जंग पिछले कुछ सालों से सुर्खियों में रही है। यह विवाद तब भड़का जब नसीरुद्दीन शाह ने सार्वजनिक रूप से अनुपम खेर की परवरिश पर तीखी टिप्पणी की थी। हाल ही में, सारांश फेम अनुपम खेर ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे महज एक क्रिया-प्रतिक्रिया का विषय बताया।

अनुपम खेर करते हैं नसीरुद्दीन का सम्मान

एक यूट्यूब चैनल जिंदगी विद ऋचा को दिए इंटरव्यू में, अनुपम खेर ने खुलकर अपने और नसीरुद्दीन शाह के बीच के ज़ुबानी तनाव पर बात की। एक शांत लहजे में बात करते हुए, खेर ने यह स्पष्ट किया कि नसीरुद्दीन शाह के प्रति उनके मन में हमेशा गहरा सम्मान रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि एक्टर के प्रति सम्मान रखना कोई बड़ी बात या घमंड नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया उनकी कला की कद्र करती है।

नसीरुद्दीन शाह ने किया था अनुपम खेर की परवरिश पर सवाल

हालांकि, जब शाह के कमेंट की बात आई, तो खेर ने अपनी बात जोर देकर रखी। उन्होंने बताया, “मैंने सिर्फ एक वीडियो का जवाब दिया था, जिसमें उन्होंने बिना किसी वजह के मेरी परवरिश पर सवाल उठाया था।” खेर ने जोर देकर कहा कि उनके परिवार और उनकी शिक्षा ने उन्हें हमेशा एक शांत और संयमित व्यक्ति बने रहना सिखाया है, लेकिन साथ ही यह भी सिखाया है कि जब कोई उनके गौरव को ठेस पहुंचाए, तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। उनके लिए यह अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करने का मामला था।

मुखौटा अभी तक नहीं उतरा था…

अनुपम खेर ने इस विवाद पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जीवन में आप हर किसी को खुश नहीं रख सकते और कुछ लोग कभी नहीं बदलते। उन्होंने दार्शनिक अंदाज में कहा, “वे हमेशा से ऐसे ही रहे हैं, बस उनका मुखौटा अभी तक नहीं उतरा था। धीरे-धीरे समय के साथ लोग अपनी असलियत दिखाने लगते हैं।” यह बताते हुए कि वह किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक सामान्य जीवन दर्शन की बात कर रहे हैं, अनुपम खेर ने अपनी बात स्पष्ट की। उनका इशारा इस ओर था कि समय के साथ लोगों के असली विचार और चरित्र सामने आ जाते हैं।

कैसे शुरू हुआ नसीरुद्दी और अनुपम का विवाद

इस टकराव की जड़ें 2020 में तब मजबूत हुईं जब नसीरुद्दीन शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के छात्रों का समर्थन करने के लिए किए गए दौरे का बचाव किया। उसी समय, शाह ने अनुपम खेर को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए उन्हें ‘सरकार का समर्थक’ कहा था। शाह की टिप्पणी बहुत ही तीखी थी, उन्होंने कहा था, “अनुपम खेर जैसे लोगों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। वह एक विदूषक हैं। एनएसडी और एफटीआईआई के उनके कई समकालीन उनके चापलूस स्वभाव की गवाही दे सकते हैं। यह उनके खून में है, वह इससे बच नहीं सकते।”

मेरा नाम निक्की कुमारी है। मैं पिछले 2 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मैंने अब तक कई बड़े मीडिया हाउस के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम किया है। मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मुझे...