Side Effects of Sunscreen: धूप की तेज किरणों से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 75 प्रतिशत लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। ये एक आवश्यक प्रोडक्ट है जो आपकी डेली स्किन केयर रुटीन का हिस्सा है। लेकिन क्या टेट्रासाइक्लिन, सल्फा और फेनोथियाजिन जैसे केमिकल्स का डेली उपयोग करना हमारी त्वचा के लिए सुरक्षित है। जी हां, साधारण सी दिखने वाली सनस्क्रीन कई केमिकल्स से तैयार की जाती है। जो भविष्य में आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती है। लंबे समय तक सनस्क्रीन का उपयोग करने से किन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है चलिए जानने हैं इसके बारे में।
मुहांसों का कारण

सनस्क्रीन में ऐसे कैमिकल या रसायन होते हैं जो त्वचा के रोमछिद्रों को बंद करके मुहांसे का कारण बन सकते हैं। जिन लोगों को पहले से मुहांसों की समस्या है सनस्क्रीन के उपयोग से ये समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए यदि आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते ही हैं तो बिना कॉमेडोजेनिक और ऑयल वाले सनस्क्रीन का चुनाव करें।
ब्रेस्ट कैंसर को बढ़ावा
सनस्क्रीन में कई ऐसे तत्व होते हैं जिनका ब्रेस्ट कैंसर सेल्स पर एस्ट्रोजेनिक प्रभाव पड़ सकता है। ये केमिकल ब्लड में एस्ट्रोजेन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। खासकर बच्चों को केमिकलयुक्त सनस्क्रीन का उपयोग करने से बचना चाहिए। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाला बेंजोफेनोन-3 केमिकल ट्यूमर सेल्स की वृद्धि का कारण भी बन सकता है। इसलिए लंबे समय तक एक ही प्रकार के सनस्क्रीन का उपयोग करने से बचना चाहिए।
स्किन एलर्जी
सनस्क्रीन में मौजूद रसायन त्वचा में लालिमा, सूजन, जलन, खुजली और ड्रायनेस का कारण बन सकते हैं। इसके नियमित उपयोग से आपको त्वचा में चकत्ते और खुजली के साथ गंभीर एलर्जी हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा के लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या हो सकती है। यदि आप सनस्क्रीन का उपयोग करते हैं तो हाइपोएलर्जेनिक लेबल वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, इसमें पीएबीए नहीं होता जो एलर्जी को बढ़ावा दे सकता है।
ड्रायनेस का कारण
मार्केट में कई तरह से सनस्क्रीन आते हैं जैसे जेल, लोशन, स्प्रे, क्रीम और वैक्स स्टिक। लोग अपनी आवश्यकताओं और पसंद के अनुसार इसका चुनाव करते हैं। जेल सनस्क्रीन लोशन आपकी त्वचा में चिपक जाता है बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा ये स्किन को ड्राय कर सकता है जिससे खुजली और सूखेपन की समस्या आ सकती है।
कैसे करें सही सनस्क्रीन का चुनाव

सनस्क्रीन का चुनाव करते वक्त अपनी त्वचा के प्रकार और जरूरत को ध्यान में रखना चाहिए। जैसे सेंसटिव त्वचा वालों को हमेशा नॉन-कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन का चुनाव करना चाहिए। जिसका एसपीएफ 30 होना चाहिए। वहीं नॉर्मल त्वचा वाले को एसपीएफ 50 वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या है सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका
– सनस्क्रीन को मॉइस्चराइजर के ऊपर अप्लाई करना चाहिए।
– बाहर जाने से लगभग 30 मिनट पहले इसे त्वचा पर लगाएं।
– यदि आप लंबे समय तक घर से बाहर हैं तो हर दो घंटे में सनस्क्रीन अप्लाई करना चाहिए।
– बच्चों के लिए नेचुरल इंग्रीडिएंट्स वाले सनस्क्रीन चुनें। याद रखें 6महीने से छोटे बच्चों पर इसे अप्लाई न करें।
– मुहांसों से बचने के लिए ऑयल फ्री सनस्क्रीन का चुनाव करें।
