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अच्छा खानपान ही है असली एंटी एजिंग: Anti Aging Skin Care

Anti Aging Skin Care: कुछ लोग त्वचा को जवां रखने के लिए एंटी एजिंग कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके साथ हमें अपनी त्वचा का भी ध्यान रखना चाहिए। आप चाहें तो आयुर्वेद के माध्यम से अपनी त्वचा का ख्याल रख सकती हैं।

समय के साथ त्वचा पर झुर्रियां पड़ने लगती है और त्वचा ढीली दिखाई देने लगती हैं। इस बात पर बहुत से शोध किए गए हैं कि क्या एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट उम्र बढ़ने के संकेतों को रोक पाते हैं? चाहे वे नई सेल्स का रिजेनरेट होना हो, इम्यून सिस्टम का उत्तेजित होना, या सॢजकल इंटरवेंशन। शोध बताते हैं कि इन कॉस्मेटिक्स में पैप्टाइट्स के फॉर्म में प्रोटीन भी शामिल किया जाता है ताकि सपोर्टिव टिशू कोलेजन और इलास्टिन को मजबूत किया जा सके।

जानना है जरूरी

कुछ ट्रीटमेंट्स में अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) होता है, जो प्राकृतिक रूप से दूध और फलों में होता है। जैसे लैक्टिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड और साइट्रिक एसिड। एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट में एएचए के पील्स त्वचा को स्मूथ बनाकर एजिंग के निशानों को कम करती हैं। हालांकि, एएचए से ट्रीटेड स्किन फोटो सेंसेटिव हो सकती है। सूरज की रोशनी के संपर्क में आने पर रिएक्ट कर सकती है। रेटिनॉल एक दूसरा इंग्रिडिएंट है, जो एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स में मौजूद हो सकता है। हालांकि, यह विटामिन ए का एक प्राकृतिक रूप है। लेकिन कुछ मामलों में विरोधाभासी है, जैसे कि प्रेगनेंसी में। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि प्रोडक्ट की प्रमाणिकता क्या है और ब्रांड कितना विश्वसनीय है।

आयुर्वेदिक हैं सुरक्षित

Anti Aging Skin Care
Following Ayurvedic beauty care, which uses plant extracts and natural ingredients

हम आयुर्वेदिक ब्यूटी केयर को फॉलो कर रहे हैं, जो प्लांट्स के एब्सट्रैक्ट और नेचुरल पदार्थों का उपयोग करता है। इन प्राकृतिक चीजों के गुणों से हम सभी अवगत हैं। हां लेकिन कैमिकल के रिएक्शन के बारे में तो हम सभी जानते हैं। इनमें विषैले पदार्थ होते हैं। जबकि आयुर्वेदिक प्रोडक्ट न केवल सेफ हैं, यह लंबे समय तक प्रभावी भी रहते हैं। प्राकृतिक सुंदरता में सबसे बड़ी सफलताओं में से एक प्लांट स्टेम सेल है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह सेलुलर लेवल पर त्वचा को प्रभावित करता है और डैमेज सेल्स की मरम्मत और स्वस्थ नई सेल्स को रिजेनरेट होने में मदद करता है। इससे फाइन लाइंस और झुर्रियां धीरे-धीरे कम हो जाती हैं। इससे आप पहले की तरह जवां दिखते हैं। त्वचा में एक खिंचाव आता है, त्वचा टाइट हो जाती है। प्लांट स्टेम सेल स्किन सेल्स की तरह ही काम कर करता है। यदि हमारी त्वचा की सेल्स डैमेज या डैड हो जाती हैं तब उम्र बढ़ने लगती है।

धूप से करें त्वचा की रक्षा

Anti Aging Skin Care
Ultra violet rays damage the skin cells more

अगर आप एजिंग के साइन को रोकना चाहते हैं तो अपनी त्वचा की धूप से सुरक्षा करें। अल्ट्रा वायलेट किरणें त्वचा की सेल्स को ज्यादा डैमेज करती हैं। ऐसा कहा जाता है कि 80त्न यह किरणें  बादलों से आर-पार हो सकती हैं। इस बात से आप समझ गए होंगे कि अगर धूप नहीं है और बादल नजर आ रहे हैं तो भी आपको सनस्क्रीन क्रीम अपनी त्वचा पर लगानी है। अगर आपकी त्वचा धूप के प्रति बहुत संवेदनशील है तो आपको ऐसी सनस्क्रीन क्रीम लगानी चाहिए जिसका एसपीएफ ज्यादा हो।

अच्छी लाइफ स्टाइल टालती है प्रभाव

मैं यह मानती हूं कि जो इंसान पूरी तरह स्वस्थ है और एक हेल्दी लाइफ स्टाइल के साथ जी रहा है उसके ऊपर एजिंग के निशान थोड़ा देर से आएंगे। अगर आप नियमित तौर से व्यायाम करते हैं तो आपकी एजिंग थोड़ा देर से होती है। यह आपके शरीर और दिमाग दोनों के लिए अच्छा है।

खान-पान का अच्छा तरीका

Anti Aging Skin Care
Along with exercise, you should include healthy eating and drinking patterns in your life

एक्सरसाइज के साथ ही आप हेल्दी खाने-पीने के पैटर्न को अपने जीवन में शामिल करें। आप ताजा फल, बिना पॉलिश दालें, सलाद, स्प्राउट्स, कम पकी हुई सब्जियां, दही और स्किम्ड मिल्क, सूप और ताजा फलों के रस का सेवन करें। आपकी डाइट में फैट, शुगर और स्ट्रार्च कम होना चाहए। इसमें विटामिन और मिनरल ज्यादा मात्रा में होने चाहिए। इस तरह की डाइट आपके फिटनेस के स्तर को बनाए रखेगी। आपकी स्किन भी जवां और चमकदार बनी रहेगी।

स्किन के लिए वरदान योग

अगर आप लंबे समय तक जवां बने रहना चाहते हैं तो योग को अपनाएं। जब शारारिक गतिविधी कम होती है तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं होता। इससे टिशू सेल्स को ऑक्सीजन भी सही से नहीं मिल पाती। इस वजह से एक थकावट सी महसूस होती है। वहीं अगर आप एक्सरसाइज करते हैं तो आप खुद को युवा महसूस करते हैं। एक्सरसाइज एक एंटी एजिंग थैरेपी है। इससे हम अच्छे दिखते हैं और अच्छा महसूस भी करते हैं।

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