र्मी के मौसम में जैसे-जैसे सूर्य का तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे हमारे सौंदर्य पर खतरा भी बढ़ता जाता है। स्किन मंत्रा क्लीनिक की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. भावना मंगला का कहना है कि धूप में मौजूद अल्ट्रावॉएलेट किरणों के कारण टैनिंग, झुलसी त्वचा, खुजली, एलर्जी और पिगमेंटेशन जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं, ऑयली त्वचा वालों को तो यह समस्या ज्यादा परेशान करती है। सूर्य से निकलने वाली दो तरह की किरणें हैं, जिनका प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ता है। पहली है अल्ट्रावॉएलेट-ए यानी यूवीए और दूसरी है अल्ट्रावाएलेट-बी यानी यूवीबी। ये दोनों ही तरह की किरणें हमारी त्वचा के लिए हानिकारक होती हैं।

सन टैनिंग
जब हम 15 मिनट से अधिक धूप में रहते हैं तो उसका प्रभाव हमारी त्वचा पर होना शुरू हो जाता है। कुछ लोगों की त्वचा में जलन होने लगती है। कई दिनों तक अधिक समय तक धूप में रहने के कारण त्वचा पर भूरे रंग के दाने होने लगते हैं जो धीरे-धीरे काले पडऩे लगते हैं, इसे पिगमेंटेशन कहते हैं। इस समस्या के शिकार वही लोग होते हैं जो धूप में निकलने से पहले एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

एसपीएफ क्यों है जरूरी
एसपीएफ का अर्थ है सन प्रोटेक्शन फैक्टर, जो त्वचा को सीधे धूप के संपर्क में आने वाली सूर्य की यूवीए किरणों से रक्षा करता है। यूवीए किरणें अधिक प्रभावशाली होती हैं, जो त्वचा को बहुत जल्दी नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में सनस्क्रीन में मौजूद तत्व जैसे- टाइटेनियम डाइऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड आदि अल्ट्रावॉएलेट किरणों को हमारी त्वचा तक पहुंचने नहीं देते हैं। इसी के साथ ही झुलसी हुई त्वचा को रिपेयर करने का काम करता है एसपीएफ।

बाजार में मौजूद एसपीएफ
आजकल बाजार में एसपीएफ युक्त केवल सनस्क्रीन व लोशन ही नहीं बल्कि फाउंडेशन, लिपस्टिक और काजल जैसे सौंदर्य प्रसाधन भी उपलब्ध हैं। सनस्क्रीन में आपको बाजार में अलग-अलग ब्रांड में एसपीएफ के अलग-अलग फैक्टर मिलेंगे, जिसकी शुरूआत एसपीएफ 15 से होकर एसपीएफ 70 तक है। इसका चुनाव आपकी आवश्यकता पर निर्भर करता है। अगर आपका धूप से संपर्क बहुत कम पड़ता है तो आप एसपीएफ-15 लगाएं। 3 से 5 घंटे तक धूप में रहने वालों के लिए एसपीएफ-25 व 30 सही रहता है। अगर आप 5 घंटे से भी अधिक धूप में रहते हैं तो एसपीएफ-50 से 70 के बीच का चुनाव करें।
त्वचा के अनुरूप चुनें
सनस्क्रीन में आपको तीन तरह की वेरायटी मिलेगी जैसे कि सनस्क्रीन क्रीम, लोशन और स्प्रे या जैल। इसे अपनी त्वचा की आवश्यकता के अनुरूप चुनना चाहिए। साधारण त्वचा वालों को एसपीएफ युक्त क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए। शुष्क त्वचा वाले एसपीएफ युक्त लोशन और ऑयली त्वचा वाले एसपीएफ युक्त जैल व स्प्रे का इस्तेमाल करें। सनस्क्रीन खरीदते समय उस पर मौजूद लेबन पढऩा न भूलें। ध्यान रखें कि उस पर ब्रांड स्पेक्ट्रम जरूर लिखा हो।

सनस्क्रीन का सही इस्तेमाल
सनस्क्रीन को धूप में निकलने से 30 मिनट पहले लगाना चाहिए। तभी ये सही असर करता है। सनस्क्रीन लगाने से पहले मुंह जरूर धोएं और फिर उसके बाद टोनर का इस्तेमाल करें ताकि खुले हुए रोमछिद्र बंद हो जाएं। फिर इसके 5 मिनट बाद सनस्क्रीन लगाएं।

घरेलू पैक
टैनिंग को कम करने के लिए आप सौंदर्य प्रसाधनों के अलावा घरेलू पैक का भी इस्तेमाल कर सकती हैं-

  •  केले को पीसकर चेहरे पर लगाएं। केला टैनिंग को हटाने में मदद करता है।
  •  गुलाबजल और फलों के रस को मिलाकर आईस क्यूब जमा लें। इसे चेहरे पर रगड़ें।
  •  अंडे की सफेदी में खीरे का रस मिलाकर पैक के तौर पर 10 मिनट तक लगाए रखें, फिर धो दें।
  •  आलू और बादाम को पीसकर चेहरे पर 10 मिनट तक नियमित तौर पर लगाएं।
  •  एक चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर और मसूर की दाल का पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे 10 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और ठंडे पानी से धो दें।