Overview: सदियों से आज़माए गए देसी तेल जो बालों को जड़ों से मज़बूत बनाते हैं
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, तनाव, गलत खान-पान और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के कारण बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में जब महंगे शैंपू और सीरम भी असर नहीं दिखाते, तब हमें याद आते हैं दादी-नानी के पुराने नुस्खे। आयुर्वेद में बालों की सेहत के लिए कुछ खास तेलों का ज़िक्र मिलता है, जिन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर बालों की ग्रोथ, मजबूती और चमक लौट सकती है। सवाल यही है कि बाल बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक तेल कौन सा माना जाता है? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
Dadi Nani Ke Nuskhe for Hair: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, तनाव, गलत खान-पान और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के कारण बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में जब महंगे शैंपू और सीरम भी असर नहीं दिखाते, तब हमें याद आते हैं दादी-नानी के पुराने नुस्खे। आयुर्वेद में बालों की सेहत के लिए कुछ खास तेलों का ज़िक्र मिलता है, जिन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर बालों की ग्रोथ, मजबूती और चमक लौट सकती है। सवाल यही है कि बाल बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक तेल कौन सा माना जाता है? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
भृंगराज तेल

दादी-नानी अक्सर कहती थीं कि अगर बालों को सच में बढ़ाना है, तो भृंगराज का तेल लगाओ। आयुर्वेद में भृंगराज को ‘केशराज’ यानी बालों का राजा कहा गया है। यह तेल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। नियमित मालिश से न केवल बाल तेजी से बढ़ते हैं, बल्कि समय से पहले सफेद होने की समस्या भी कम होती है।
आंवला तेल

आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। दादी-नानी के नुस्खों में आंवला तेल का खास स्थान रहा है। यह बालों की जड़ों को पोषण देता है और बालों को घना बनाने में मदद करता है। जो लोग बाल झड़ने या रूखेपन से परेशान रहते हैं, उनके लिए आंवला तेल बेहद फायदेमंद माना जाता है।
नारियल तेल

सिर्फ नारियल तेल नहीं, बल्कि उसमें मिली जड़ी-बूटियां उसे आयुर्वेदिक बना देती हैं। नारियल तेल में जब भृंगराज, ब्राह्मी या मेथी जैसी चीजें पकाई जाती हैं, तो यह बालों के लिए अमृत समान बन जाता है। यह तेल स्कैल्प को ठंडक देता है और डैंड्रफ की समस्या भी कम करता है, जिससे बालों की ग्रोथ में रुकावट नहीं आती।
ब्राह्मी तेल
दादी-नानी सिर्फ बाल ही नहीं, दिमाग की सेहत का भी ध्यान रखती थीं। ब्राह्मी तेल सिर की त्वचा को शांत करता है और तनाव को कम करने में मदद करता है। जब तनाव कम होता है, तो बाल झड़ने की समस्या भी अपने आप घटने लगती है। ब्राह्मी तेल बालों को मुलायम और मजबूत बनाने में सहायक है।
तिल का तेल
आयुर्वेद में तिल के तेल को बहुत गुणकारी माना गया है। यह बालों की जड़ों में गहराई तक जाकर पोषण देता है। सर्दियों में दादी-नानी तिल के तेल से मालिश करने की सलाह इसलिए देती थीं क्योंकि यह रूखे और बेजान बालों में जान डाल देता है और टूटने से बचाता है।
सही तरीके से तेल लगाने का देसी तरीका
सिर्फ तेल लगाना काफी नहीं होता, तरीका भी उतना ही ज़रूरी है। दादी-नानी हमेशा कहती थीं कि तेल को हल्का गुनगुना करके उंगलियों से धीरे-धीरे मालिश करें। हफ्ते में कम से कम दो बार तेल लगाकर कुछ घंटों या रात भर के लिए छोड़ देना चाहिए। इससे तेल अच्छे से जड़ों में समा जाता है और बेहतर असर दिखाता है।
