Beauty Products: खूबसूरत दिखना कौन नहीं चाहता। हर किसी की चाह है खूबसूरत और अच्छा दिखना। इसके चलते मार्केट में ढेरों ब्यूटी मेकअप प्रोडक्ट्स उपलब्ध है, जो हर व्यक्ति को खूबसूरत बनाने का दावा करते हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि ब्यूटी प्रोडक्ट आपकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं लेकिन कहीं खूबसूरत दिखने की चाह में आप अपनी त्वचा को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे। सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी मेकअप का इस्तेमाल करते हैं।
मेकअप इंडस्ट्री काफी बड़ी है, जिसमें महिला पुरुष दोनों के लिए रोजाना नए-नए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट लॉन्च किए जाते हैं। यह प्रोडक्ट अलग-अलग तरह के होते हैं कुछ नाखूनों के लिए होते हैं, कुछ बालों के लिए, कुछ त्वचा के लिए, कुछ होठों के लिए। लेकिन लोग प्रोडक्ट्स के ऐड देखकर इतने आकर्षित हो जाते हैं फिर वह प्रोडक्ट में क्या केमिकल मिले हैं, प्रोडक्ट के अंदर कौन से इंग्रेडिएंट्स शामिल है, यह पढ़ना नजरअंदाज कर देते हैं। आज हम आपको इस लेख के द्वारा हर वो केमिकल के बारे में विस्तार से बताएंगे जो ब्यूटी प्रोडक्ट्स में शामिल किए जाते हैं, तो चलिए जानते हैं।
इन तीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स से खास सावधानी बनाए रखें
बालों को सीधा करने वाले प्रोडक्ट्स

बालों को सीधा करने वाले प्रोडक्ट्स में पैराबेंस बिस्फेनॉल ए जैसे खतरनाक केमिकल पाए जाते हैं। इनके इस्तेमाल से गर्भाशय कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। यह केमिकल सीधे खोपड़ी में असर करते हैं जिसकी वजह से स्तन कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है।
वॉटरप्रूफ मस्कारा
वॉटरप्रूफ मस्कारा में पर-एंड-पॉली-फ्लोरो अल्काइल सब्सटेंसेस पाया जाता है। यह पदार्थ तेल और पानी के प्रति रेजिस्टेंस होते हैं जो लंबे समय तक उसे बनाए रखते हैं। यह बहुत खतरनाक केमिकल माना जाता है। जो किडनी, हाई कोलेस्ट्रॉल, इनफर्टिलिटी और दिमागी बीमारियों का भी कारण बन सकता है।
ड्राई शैंपू
ड्राई शैंपू में बेंजीन नामक एक हानिकारक रसायन होता है जो कार्सिनोजेन है इसके काफी कम इस्तेमाल से भी कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसका इस्तेमाल करने से वाइट ब्लड वेसिल्स की कमी ल्यूकेमिया और डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है।
किस प्रोडक्ट में होता है कौन सा केमिकल
टोल्यूनि

टोल्यूनि यह ऐसा केमिकल है जो नेल पॉलिश में पाया जाता है। इसका उपयोग पेंट को पतला करने के लिए किया जाता है। यह एक पेट्रोकेमिकल है, जो लीवर के लिए खतरनाक है साथ ही इससे बर्थ डिफेक्ट्स भी हो सकते हैं। हालाकि ऐसा नहीं हो सकता की नेल पेंट लगाना छोड़ दिया जाए। लेकिन यह कोशिश की जा सकती है कि इसका इस्तेमाल तभी करें जब जरूरी हो।
थैलेट
थैलेट एक ऐसा केमिकल है जो खासकर हेयर स्प्रे, नेल प्रोडक्ट और अन्य प्रोडक्ट्स में पाया जाता है। यह केमिकल प्रोडक्ट्स को अधिक लचीला बनाता है। इसके एक्स्पोज़र से जी मिचलने, आंखों, त्वचा, नाक मुंह और गले में इरीटेशन हो सकती है।
पॉलीइथाइलीन
पॉलीइथाइलीन एक सिंथेटिक पेट्रोकेमिकल्स है जो आमतौर पर हेयर कलर प्रोडक्ट और स्किन केयर प्रोडक्ट में उपयोग किए जाते हैं। इसका इस्तेमाल बेहतर ऑब्जरवेशन के लिए किया जाता है। ऐसा पाया गया है कि पॉलीएथिलीन में अशुद्धियां होती है। जिनमें एथिलीन ऑक्साइड और 1,4 डाइऑक्साइड शामिल है। इनकी वजह से सांस संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही साथ अगर इन प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए तो कई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
टैल्क
टैल्क यानी पाउडर, बहुत सारे टैल्कम पाउडर में एस्बेस्टस पाया जाता है जिसको सूंघने से या जिसकी खुशबू लेने से कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है। इसलिए पाउडर का इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि किस पाउडर में एस्बेस्टस है और कौन सा पाउडर एस्बेस्टस फ्री है।
कार्बन ब्लैक
यह केमिकल आंखों के मेकअप के प्रोडक्ट में पाया जाता है। आंखों के मेकअप में सबसे गहरा काला रंग कार्बन ब्लैक या इसके किसी वर्जन में आता है। आंखों का मेकअप खरीदते वक्त इस केमिकल से सावधान रहना बहुत जरूरी है। क्योंकि ऐसा पाया गया है कि इसके इस्तेमाल से कैंसर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है।
