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हैसियत-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehlakshmi ki Kahani: ” हूंह… एक भी सामान ढंग का नहीं दे रखा जो हमारे घर में रखा जा सके।  कपड़े लत्ते भी ऐसे दिये हैं कि सारे रिश्तेदारों के सामने हमारी नाक कट गई।  हमने तो सोचा था सरकारी मास्टर की इकलौती बेटी है तो कम से कम ब्याह तो ठीक से करेंगे … […]

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बेटा श्रवण कुमार हो लेकिन दामाद?- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Son and Son in Law Story: देखो बहुत साल गुजार दिए मैंने अपना मन मारते- मारते…. अब मुझे नहीं रहना इन सब के साथ…… आखिर मेरी भी कोई जिंदगी है या नहीं?? कब तक तुम्हारे मां बाप की सेवा करती रहूंगी ? ,, आज अंकिता अपने पति उमेश के घर आते ही उसपर बरस पड़ी।” […]

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हिसाब बराबर-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hisab Barabar Story: “अरे बोला ना साॅरी ….. अब क्यों बेफालतू में बात को बढ़ा रही हो ?? चलो…. अपना हुलिया थोड़ा ठीक करो और बाहर चलो। सब वेट कर रहे हैं । ,,   थोड़ी देर पहले ही अजय ने सबके सामने रूपाली को  थप्पड़ मारा था । कारण ये था कि आज अजय और […]

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बहू को रोटियां बनाकर नहीं खिला सकती-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Saas Bahu Story: ” पता नहीं किस जन्म की दुश्मनी निकाल रही हैं मुझसे…… ऐसी छुई- मुई बनकर बैठी रहती हैं जैसे मेरे आने से पहले आठ- दस नौकर- चाकर आगे – पीछे फिरते रहते थे। थोड़ा बहुत हाथ- पैर हिलाने से कौन सा शरीर घिस जाएगा इनका ….. सब कुछ मेरे भरोसे छोड़ कर […]

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