Posted inहिंदी कहानियाँ

रंडियां औरत नहीं होती, बाबू – 21 श्रेष्ठ युवामन की कहानियां हरियाणा

कमरे में घुसते ही उसने अपना जंफर उतारने के लिए उसके पल्लों को पकड़कर उलटना शुरू ही किया था कि मैंने उसे टोका, “अभी रहने दो, थोड़ी देर बैठो।” उसके हाथ जहाँ थे, वहीं रूक गये। न उससे जंफर के पल्ले छूटे और न ही सामान्य अवस्था में लौटे। वह बड़े आश्चर्य के साथ मेरी […]

Gift this article