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हरे-भरे सपने – 21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां हिमाचल प्रदेश

टिंकू को हमेशा कोई न कोई शरारत सूझती। बाहर से वह भोला बना रहता पर अन्दर ही अन्दर उसके शरारती दिमाग में शरारत के कीड़े कुलबुलाते रहते। घर पर और विद्यालय में वह शरारतें तो करता पर उसके भोलेपन के कारण उस पर किसी का ध्यान नहीं जाता था। जब कोई देख नहीं रहा होता […]

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