Jataka Story in Hindi : ईश्वरचंद नामक एक व्यक्ति था। एक दिन वाराणसी के बाजार में घूमते हुए, उसने हाथी दंात से बनी सुंदर वस्तुएँ देखीं। वह कुछ सामान खरीदना चाहता था पर वे तो काफी कीमती थे। अचानक उसे जंगल मंे रहने वाले अपने दोस्त हाथी की याद आई। उसने पहले भी उसकी काफी […]
Author Archives: प्रियंका वर्मा
मांगो मत समर्पित रहो। – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी विवेकानंद ने धर्म में सर्मपण के भाव को प्रमुखता दी है। वे कहते थे कि जिस धर्म में भक्ति नहीं होगी वह धर्म, धर्म नहीं रहेगा। ईश्वर प्रेम का ही दूसरा रूप है। प्रेम के भी कई रूप होते हैं। जब कोई बच्चा भोजन या सुरक्षा के लिए अपने पिता की ओर देखता है […]
चूहे और गीदड़ – जातक की कहानी
Jataka Story in Hindi : एक बार जंगल मंे एक गीदड़ रहता था। उसे कई दिन तक खाने को कुछ नहीं मिला। वह भूख से बेचैन होकर यहाँ-वहाँ भटकने लगा पर कुछ नहीं पा सका। आखिर में निराश होकर वह एक पेड़ के नीचे जा बैठा। तभी उसने देखा, बहुत सारे चूहे नाचते-गाते, एक पंक्ति […]
मन और विचार से एक बनो – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी जी का मानना था कि हमें समाज से पुरुष और नारी का भेद मिटा देना चाहिए। कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है। हम सभी उसी ईश्वर की संतान हैं। हमें किसी भी तरह से नारियों को अपने अपने से कम नहीं आंकना चाहिए। स्वामी जी असीम साहस व बल पर अपनी बात कहने […]
भैंस और बंदर – जातक की कहानी
Jataka Story in Hindi : पुराने जंगल में एक भैंस रहती थी। वह बड़ी दयालु थी। कभी किसी का मन नहीं दुखाती। वहीं पास ही पेड़ पर एक दुष्ट बंदर रहता था। जब भी वह देखता कि भैंस सो रही है तो वह पेड़ से उसकी पीठ पर छलाँगें लगाता। कभी-कभी भैंस की पूँछ पकड़ […]
आगे बढ़ो – स्वामी विवेकानंद की कहानी
स्वामी विवेकानंद भले ही रामकृष्ण परमहंस जी के शिष्य थे। परंतु वे अपना एक अलग व्यक्तित्व भी रखते थे। वे कभी सच्ची बात कहने से पीछे नहीं हटते थे। कई बार उनकी बातें सुनने वालों को अजीब भी लगती थीं पर उन बातों में गहरा सार छिपा होता था । स्वामी जी बहुत बलशाली थे। […]
अफवाह की ताकत – जातक की कहानी
Jataka Story in Hindi : एक बार जंगल में खरगोश नारियल के पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। तभी तेज़्ा आवाज़्ा के साथ धड़ाम से कुछ नीचे आ गिरा। खरगोश इस अजीब सी लगने वाली आवाज़्ा को सुन कर डर गया। उसे लगा कि सारी दुनिया खत्म होने जा रही है और वह भी […]
बुद्धिमान छात्र – जातक की कहानी
Jataka Story in Hindi : प्राचीन समय की बात है, भारत में काशी को विद्या पाने का सबसे श्रेष्ठ स्थान माना जाता था। देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र वहाँ पढ़ने जाते। वहाँ धर्मानंद नामक गुरु रहते थे। उनकी पुत्री का नाम था ‘सद्गुणवती’। वह अपने नाम की तरह ही गुणों व रूप की धनी […]
