Hindi Poem: स्त्री जो भी सीखती हैवह काम आती है किसी पुरुष के!स्त्री सीखती हैआटा गूंथनापुरुष का पेट भरता हैस्त्री सीखती हैघर बुहारनापुरुष घर में रहता हैस्त्री सीखती हैबिंदी लगानापुरुष प्रेम करता हैस्त्री सीखती हैबच्चे पालनापुरुष पिता बनता हैबस किसी दिन स्त्री ने सीखना चाहाघर से बाहर निकलनापुरुष ने देहरी बनाईऔर कहाबाहर रावण रहता हैऔर […]
