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संयम को सबक – 21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां हरियाणा

संयम चौथी कक्षा का विद्यार्थी था। उसकी उम्र थी दस वर्ष। वह पढ़ाई में कुशाग्र बुद्धि का धनी था। अपने सभी मित्रों के साथ संयम का व्यवहार अत्यन्त मधुर व सहयोग-भाव से ओतप्रोत था। यही कारण था कि संयम के मित्रों की संख्या बहुत अधिक थी। मित्रों के सुख-दुख में अपनी क्षमतानुसार सहायता करना उसकी […]

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