Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi

अपराध बोध-गृहलक्ष्मी कहानियां

“कितनी बार कहा है तुमसे, इसे अपने आंचल से बाहर निकलने दो ; लेकिन नहीं, तुम्हारा सहारा लेकर हमेशा गोद में दुबकना चाहता है ।” “ऐसा नहीं है जी ,मैं हमेशा इसे बाहर भेजने की कोशिश करती हूं और समझाती भी हूं कि पापा के साथ फैक्ट्री जाना शुरू करो, लेकिन वह कहता है ,”मम्मी […]

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