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रोशनी – 21 श्रेष्ठ युवामन की कहानियां हरियाणा

ओ३म् सर्वम् वै पूर्णम् स्वाहा।। हमेशा की तरह आज भी साप्ताहिक यज्ञ की पूर्ण आहुति दी गयी। महाशय प्रभुदयाल बजाज ने अपनी प्रिय ईश-प्रार्थना का उवाच शुरू किया, “यज्ञरूपी प्रभो, हमारे भाव उज्जवल कीजिए। छोड़ देवें छल-कपट को, मानसिक बल दीजिए। सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः, सर्वे भद्राणि पश्यन्तुः मा कश्चिद् दुःख भाग भवेत्।” […]

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