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दहलीज—गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: दहलीजहर रिश्ते मे दहलीज होना चाहिए,चाहे माता पिता से रिश्ता हो,चाहे भाई बहन का हो,चाहे दोस्तों का हो,हर जगह दहलीज होना चाहिए, जब जब दहलीज पार हुई है,तब तब तहस नहस हुआ है,रिश्ते की मर्यादाओं को जंग लग जाती है,विश्वास का दमन टूट जाता है,सारे जगत मे बदनाम हो जाते हैं, जब दहलीज […]

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