Posted inकविता-शायरी, हिंदी कहानियाँ

पंजाब डूबता नहीं उठता है—गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: कल सारी रात नींद नहीं आई,बारिश की वह बूंदें,जो संगीत सी लगती थी,उन्होंने एक दहशत सी फैलाई।मेरा पंजाब सहम रहा है,तिनके की तरह बिखर रही है,किसी की सारी उम्र की कमाई।पर सलाम हैमेरे पंजाब के हौसले को,जिसने इस बेदर्द मौसम में भी,अपनी हिम्मत न भुलाई।हर इंसान कर रहा है कोशिश,इस बाढ़ से उबरने की,न जाने […]

Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

लव इन ए मेट्रो—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Short Story: रोज़गार की तलाश में सुबह शाम कभी किसी दफ़्तर के चक्कर लगा रहा था तो कभी किसी दफ़्तर के। पर मन में एक विश्वास था कि एक न एक दिन ज़रूर कोई ऐसी नौकरी मिल जाएगी कि मैं अपना और अपनी माँ का अच्छी तरह से ध्यान रख सकूंगा। रोज़ दौड़ते भागते […]

Gift this article