Paush Month 2025
Paush Month 2025

Overview: पौष माह में वर्जित होते हैं ये 5 तरह के खाद्य पदार्थ

पौष माह में बैंगन, मसालेदार भोजन, मांस-मदिरा और बासी खाना वर्जित माना गया है। इनके सेवन से शरीर को भी हानि पहुंचती है और धार्मिक दृष्टि से भी यह अशुभ फल देता है।

Paush Month 2025 Rules: हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 से पौष का महीना शुरू हो चुका है, जोकि 3 जनवरी 2026 तक रहेगा। हिंदू धर्म में इस महीना को धार्मिक रूप से अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पौष महीना देव पूजन, दान और व्रत के लिए विशेष अवधि माना जाता है। शास्त्रों में पौष मास को अनुशासन, संयम और सात्त्विक आहार का महीना भी बताया गया है।

ऐसी मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति के विचार, भोजन और दिनचर्या का सीधा प्रभाव पितरों की प्रसन्नता और परिवार की सुख-शांति पर भी पड़ता है। इसलिए पौष मास में कुछ विशेष खाद्य पदार्थों का सेवन करना वर्जित होता है। पौष में इन चीजों के सेवन से न सिर्फ शरीर प्रभावित होता है, बल्कि पितृ भी नाराज हो सकते हैं, जिसका इसका असर घर की खुशहाली और समृद्धि पर पड़ सकता है। इसलिए यह जान लीजिए कि वो कौन सी चीजें हैं, जिसे पौष माह में खाने से बचना चहिए।

पौष महीने में भूलकर भी नहीं खाएं ये 5 चीजें

Paush Month 2025 Rules
Paush Month 2025 Rules

बैंगन का सेवन:- पौष का महीना धार्मिक रूप से शुद्धि और सात्विकता का होता है। जबकि बैंगन में तामसिक गुण होते हैं। इसलिए इस महीने बैंगन खाने से बचना चाहिए। यदि आप पूरे माह इस नियम का पालन नहीं कर सकते हैं तो कम से कम विशेष तिथियों जैसे पौष मास में पड़ने वाले अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी को बैंगन नहीं खाएं।

नया अनाज:- पौष माह में नए अनाज का सेवन वैसे तो वर्जित नहीं होता है। लेकिन इस महीने जो भी नए अनाज हों, उन्हें सबसे पहले देवी-देवताओं को अर्पित करना चाहिए और इसके बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। देवी-देवताओं को नया अनाज अर्पित किए बिना उसका सेवन करने से ग्रहण किए अन्न का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इसलिए इन नियम का पालन करना अनिवार्य होता है।

अत्यधिक मसालेदार भोजन:- पौष मास में सात्त्विकता और संयम सबसे महत्वपूर्ण नियम है। इस मास बहुत तैलीय और अत्यधिक मसालेदार भोजन पाचन तंत्र को असंतुलित करता है और मन को भी अशांत बनाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार तामसिक भोजन व्यक्ति के तेज को कम करता है और ध्यान को भटकाता है, जिससे पितरों की प्रसन्नता में कमी आ सकती है।

avoid these food eating in paush
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मांसाहार और शराब:- पौष का पावन महीना देवताओं और पितरों दोनों की पूजा-अराधना और भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। इसलिए इस महने मांस-मदिरा पूरी तरह से वर्जित माने गए हैं। इनका सेवन न केवल शरीर को दूषित करता है, बल्कि वातावरण की ऊर्जा को भी प्रभावित करता है। माना जाता है कि ऐसे आहार से पितृ भी अपने परिवार से नाराज रहते हैं।

बासी भोजन:- पौष मास में ताज़ा, सात्त्विक और शुद्ध भोजन की पकाएं और सेवन करें। बासी, ठंडा या बार-बार गरम करके खाए गए भोजन से शरीर में विकार और थकान बढ़ता है। आयुर्वेद के अनुसार इस समय ऐसा भोजन विषाक्त प्रभाव पैदा कर सकता है। शास्त्रों में इसे अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है।

मेरा नाम पलक सिंह है। मैं एक महिला पत्रकार हूं। मैं पिछले पांच सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैं लाइव इंडिया और सिर्फ न्यूज जैसे संस्थानों में लेखन का काम कर चुकी हूं और वर्तमान में गृहलक्ष्मी से जुड़ी हुई हूं। मुझे...