A person sitting on the floor beside a bed in a dimly lit room, with knees bent and head resting in their hands—capturing a quiet moment of solitude and emotional reflection against a softly lit window backdrop.
Avoid stress and depression

Overview:सर्दियों की उदासी या सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर? जानिए फर्क और समाधान

सर्दियों के मौसम में धूप की कमी और ठंडे माहौल के कारण कई लोग अपने मूड और ऊर्जा में बदलाव महसूस करते हैं। इसे अक्सर “विंटर ब्लूज़” कहकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, लेकिन यह स्थिति सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। इसमें व्यक्ति लगातार उदासी, थकान, नींद और भूख में बदलाव जैसे लक्षण अनुभव करता है।

Winter Depression and Mental Health: जैसे-जैसे दिन छोटे होने लगते हैं और धूप कम हो जाती है, कई लोग अपने मूड में बदलाव महसूस करते हैं — मन भारी लगना, थकान रहना, काम में मन न लगना या किसी चीज़ में दिलचस्पी न होना। अक्सर इसे लोग “विंटर ब्लूज़” या सर्दियों की उदासी कहकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि यह स्थिति वास्तव में सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर (Seasonal Affective Disorder – SAD) नामक एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।

क्या है सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD)?

सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर एक प्रकार का मूड डिसऑर्डर है जो हर साल किसी एक विशेष मौसम, आमतौर पर सर्दियों के महीनों में, बार-बार होता है। इस दौरान व्यक्ति का मूड लगातार उदास रहता है और ऊर्जा स्तर गिर जाता है।

डॉ. आस्तिक जोशी बताते हैं, “अगर किसी व्यक्ति में सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण दिख रहे हैं, तो यह किसी बड़े मूड डिसऑर्डर जैसे मेजर डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।” इसीलिए इन लक्षणों को समय रहते पहचानना और मदद लेना बेहद ज़रूरी है ताकि यह समस्या जीवन की दिनचर्या को प्रभावित न करे।

SAD के आम लक्षण

सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर के दौरान व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
• लगातार उदासी या निराशा का भाव
• प्रेरणा की कमी और रुचि वाले कार्यों में अरुचि
• थकान या ऊर्जा की कमी
• नींद में बदलाव – ज़रूरत से ज़्यादा सोना या नींद न आना
• भूख में बदलाव, विशेषकर मीठा या कार्बोहाइड्रेट्स खाने की इच्छा
• एकाग्रता में कमी
• गंभीर मामलों में निराशा या आत्मघाती विचार

ये लक्षण व्यक्ति के सामाजिक, पारिवारिक और पेशेवर जीवन पर गहरा असर डाल सकते हैं।

कारण क्या हैं?

Winter Depression and Mental Health
Seasonal Affective Disorder Reason

SAD का सही कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सर्दियों में धूप की कमी इसका प्रमुख कारण माना जाता है। सूर्य प्रकाश की कमी से शरीर की जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) प्रभावित होती है, जिससे सेरोटोनिन (मूड नियंत्रित करने वाला रसायन) का स्तर घट जाता है और मेलाटोनिन (नींद नियंत्रित करने वाला हार्मोन) का स्तर असंतुलित हो जाता है।

कब लें विशेषज्ञ की मदद?

डॉ. जोशी कहते हैं, “अगर किसी व्यक्ति को हर साल किसी एक मौसम, विशेषकर सर्दियों में, मूड में स्पष्ट बदलाव महसूस होता है, तो तुरंत किसी मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से इस समस्या को नियंत्रण में लाया जा सकता है और यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करती।”

SAD के इलाज में साइकोथेरेपी (मनोचिकित्सा), लाइट थेरेपी (कृत्रिम रोशनी से उपचार), एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, और जीवनशैली में सुधार जैसे नियमित व्यायाम, सामाजिक जुड़ाव बनाए रखना और दिन के समय बाहर समय बिताना शामिल हो सकता है।

सर्दियों में हल्का उदास महसूस करना आम बात है, लेकिन अगर यह उदासी लंबे समय तक बनी रहे और रोजमर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। सीज़नल अफेक्टिव डिसऑर्डर पूरी तरह इलाज योग्य है, और सही मार्गदर्शन व उपचार से व्यक्ति दोबारा अपनी ऊर्जा, संतुलन और सकारात्मकता पा सकता है — मौसम चाहे कोई भी हो।

Input By- डॉक्टर आस्तिक जोशी, चाइल्ड एडोलिसेंट और फोरेंसिक साइकैटरिस्ट, न्यू दिल्ली

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...