दिल की बात आपके साथ
दोस्तो, आप जब भी मेरे इस कॉलम को पढ़ते होंगे तो आपको ये जरूर लगता होगा कि पहले तो मैं किसी भी मुद्दे पर अपने दिल बात आपसे कर लेती थी, पर आजकल मैं खूबसूरती की बातें करती हूं आखिर ऐसा क्यूं? तो मैं आपको बता दूं कि इसके पीछे मेरे बॉस का बहुत बड़ा हाथ हैं, वो चाहते हैं कि मैं ब्यूटी से जुड़े अनुभवों को आपके समक्ष रखूं ताकि आपकी खूबसूरती की डगर लडख़डा ना जाए। दोस्तों उन्होंने जब मुझे इस पर कॉलम लिखने को कहा तो मुझे समझ में नहीं आया कि मैं क्या बोलूं। कुछ देर शांत रहने के बाद मैंने हां में सिर हिला दिया। पर उनसे मैं कुछ नहीं बोल पाई, आखिर वो ठहरे बॉस, फिर उनसे बहस करना समझदारी की बात तो है ही नहीं। कुछ दिनों तक मैं इसी कशमकश में रही कि आखिर लिखूं तो क्या लिखूं? पर कहते हैं ना कि जब कलम चलती है तो कुछ भी कर सकती है और हुआ भी कुछ यूं ही। जैसे-जैसे हर महीनेे खूबसूरती की गहराई में जाकर अपने विचार आपके समक्ष रखने लगी तो मुझे पता चल गया कि इसमें बहुत कुछ है जानने व बताने के लिए, जिससे आप ही नहीं, मैं भी अनजान थी या फिर ये कहें कि जान के भी अनजान थी। हर महीने की तरह इस बार भी मैं आपको श्रृंगार केंद्र यानी ब्यूटी पॉर्लर में मिलने वाली डील्स की बात करूंगी, जिसको लेकर ना जाने कितनी महिलाओं ने अपनी खूबसूरती को निखारा है।
इस डील का जाल ऐसा है, जिससे कोई महिला अछूती नहीं रही। उन महिलाओं में मैं भी शामिल हूं। मैं भी इस डील में इतनी फंस चुकी थी कि मुझे अब डील के नाम से ही नफरत हो गई है, क्योंकि इस डील से जुड़े अनुभव बहुत ही बेकार रहे हैं। खूबसूरती की डील मैंने जब-जब ली, तब-तब मेरे अनुभव की लाइन लंबी होती गई। आप सोच रहे होंगे कि अगर मैं पहली ही डील से दुखी हो गई तो लगातार डील क्यूं लेती गई? तो दोस्तों इसके पीछे भी एक राज था, वो ये कि मैं चेक करना चाहती थी कि आखिर डील का राज क्या है? हर पार्लर की डील में कितना फर्क होता है। यही सब जानने के लिए मैंने छोटे से लेकर बड़े तक हर पार्लर और सैलून में इसका अनुभव बटोरा। और दोस्तों मैं जो मैं सोच रही थी मुझे परिणाम भी वैसे ही मिले। मैंने देखा कि पार्लर चाहे बड़ा हो या छोटा, पर उसमें सर्विस सामान्य ही थी। फर्क बस रुपये का था। जैसे- छोटे पार्लर में आपको 599 या 499 में पूरी डील मिलेगी, वहीं बड़े पार्लर में आपको 999, 1500 या 2100 रुपये तक की डील मिलेगी। अगर सर्विस की बात करें तो सर्विस, आपकी उम्मीद से बिलकुल उल्टी होती है। फेशियल से लेकर मैनीक्योर और पैडीक्योर, वैक्स व ब्लीच आदि में आपको इस डील की सच्चाई का पता चल जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर फेशियल में कम से कम 1 घंटा लगता है, तो डील में आपकी सर्विस एक या दो घंटे में पूरी हो जाती है। इस तरह की सर्विस से इस बात का अंदाजा लग जाता है कि इस डील में कितनी ढील है। नख से शिख तक की खूबसूरती निखारने की डील को अगर आप भी लेने की सोच रही हैं या फिर आप दोबारा लेने जा रही हैं तो मैं आपसे विनती करूंगी कि एक बात का ध्यान रखें कि इस डील में यानी इस समझौते में इतना ना फंसें कि आप अपनी खूबसूरती से ही समझौता कर बैठें। क्योंकि यह डील जितनी सुनने व देखने में लुभाती है, उससे भी कहीं ज्यादा दर्द तब होता है, जब आप इसके बुरे अनुभव से गुजरती हैं। इसलिए ऐसी डील को लेने व किसी के बताने से पहले सोच समझ लें और दूसरों से जानकारी भी बटोर लें। क्योंकि डील के इस बढ़ते बाजार में हर महिला अपनी खूबसूरती टटोलती दिख जाती है, पर अपने बजट के अनुरूप।
मेरी यह सोच किसी को आहत पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि सच्चाई से अवगत कराने के लिए है। मेरे इस लेख को पढ़ कर कई पार्लर मेरे विरोध में होंगे पर मैं ये पूछना चाहती हूं कि कोई पार्लर इतने कम रुपयों में पूरा ट्रीटमेंट कैसे दे सकता हैं? अब आप ही बताइए कि जब आज नॉर्मल फेशियल 500 रुपये से शुरू होता है तो ऐसे में 599 की फुल ब्यूटी सर्विस अगर आपको पार्लर दें तो ऐसे प्रश्न उठना लाजिमी है। जैसे- क्या वो अपना नुकसान करके आपका सौंदर्य बढ़ा रहे हैं या फिर कम पैसे में ज्यादा सर्विस देकर आपको बेवकूफ बना रहे हैं। अगर आप मेरी इस बात से सहमत हैं तो कृपया मुझे जरूर बताएं कि मेरी इस बात में सच्चाई है कि नहीं।
अंत में मैं अपनी पाठिकाओं से यही कहना चाहती हूं कि आज बाजार में कई ऐसी खूबसूरती की डील मौजूद हैं, जिनको देखकर आप बहुत जल्दी पिघल जाएंगी, पर इसका मतलब ये नहीं कि इसमें आप अपने सौंदर्य से किसी भी तरह का समझौता करें।
