Indira Gandhi National Open University (IGNOU) has created history by appointing its first woman Vice Chancellor. Professor Uma Kanjilal has been given the prestigious role of leading the institution

Summary: प्रो. उमा कांजीलाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनीं IGNOU की पहली महिला कुलपति

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रोफेसर उमा कांजीलाल को इग्नू की पहली महिला वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है।

IGNOU First Woman VC: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में एक नया इतिहास बना है। विश्वविद्यालय को पहली बार एक महिला कुलपति मिली हैं। प्रोफेसर उमा कांजीलाल को इग्नू की नई वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में उनका अनुभव बेहद इंस्पिरेशनल रहा है। यह सिर्फ एक नई नियुक्ति नहीं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का एक मजबूत इशारा भी है। आइए जानते हैं कौन हैं प्रोफेसर उमा कांजीलाल, और कैसे उन्होंने इस मुकाम तक का सफर तय किया।

उमा की नियुक्ति खास इसलिए भी है क्योंकि विश्वविद्यालय की स्थापना के करीब 40 साल बाद किसी महिला को कुलपति बनाया गया है। प्रोफेसर उमा ने अपनी मास्टर्स की पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में स्थित क्राइस्ट चर्च कॉलेज से की। उन्होंने यहां से आर्ट्स में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश की जीवाजी यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की।

प्रोफेसर कांजीलाल ने अपना करियर 1984 में IIT कानपुर में एक रिसर्च असिस्टेंट के रूप में शुरू किया। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में कैटलॉगर और प्रोफेशनल असिस्टेंट के पदों पर काम किया। यहीं से उनका शिक्षा के क्षेत्र में सफर आगे बढ़ा। प्रोफेसर कांजीलाल ने इग्नू में बतौर लेक्चरर अपना सफर शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने कई जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रोफेसर के पद तक का सफर तय किया। इग्नू में उन्होंने यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की डायरेक्टर, और सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन की प्रमुख जैसी अहम भूमिकाएं निभाईं।

डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में उनका एक्सपीरियंस बहुत ही खास रहा है। वे लंबे समय से ई-लर्निंग, डिजिटल लाइब्रेरी, मल्टीमीडिया कोर्स डिजाइन और ICT के क्षेत्र में काम कर रही हैं। 2003 से वे लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस की प्रोफेसर हैं। फिलहाल वे SWAYAM और SWAYAM Prabha जैसी राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा योजनाओं की नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं।

प्रोफेसर उमा कांजीलाल को शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हुए तीन दशक से ज्यादा हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई लीडरशिप रोल्स निभाए हैं। वे सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन, एडवांस्ड सेंटर फॉर इंफॉर्मेटिक्स एंड इनोवेटिव लर्निंग, और इंटर-यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम की प्रमुख रह चुकी हैं।

उनका योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा गया है। उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस से फुलब्राइट फेलोशिप प्राप्त की है। वे कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग के लिए कंसल्टेंसी कर चुकी हैं और जॉर्डन में UNRWA के डिजिटल एजुकेशन प्रोजेक्ट में भी शामिल रही हैं। उन्हें मंथन अवॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया-इंडिया काउंसिल ग्रांट और DANIDA फेलोशिप जैसे कई पुरस्कार मिले हैं।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...