Overview:सांस लेने में तकलीफ? वजह सिर्फ धूल या प्रदूषण नहीं, कोक्रोच भी हो सकते हैं कारण
कोक्रोच केवल गंदे कीट नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनके मल, थूक और शरीर के टुकड़े सांस के ज़रिए शरीर में जाकर एलर्जी, अस्थमा और गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं। एक केस में कोक्रोच व्यक्ति के फेफड़े तक पहुंच गया था। साफ-सफाई, सतर्कता और समय पर कीट नियंत्रण से इनसे बचा जा सकता है।
Cockroach-Related Breathing Problems: अगर आपको घर में रहते-रहते बार-बार खाँसी आती है, सांस फूलती है या एलर्जी जैसी तकलीफ होती है, तो अब सिर्फ प्रदूषण या बदलते मौसम को ज़िम्मेदार मत मानिए। डॉक्टरों की हालिया चेतावनी के मुताबिक, कोक्रोच (cockroach) भी आपकी सेहत के छिपे हुए दुश्मन हो सकते हैं। इनके मल, थूक और शरीर के टूटे हुए हिस्से सांस के ज़रिए हमारे फेफड़ों तक पहुँच सकते हैं और अस्थमा, एलर्जी या संक्रमण जैसी गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। कोक्रोच अकसर रसोई, बाथरूम और नमी वाली जगहों में पनपते हैं, जिससे हमें बिना जाने रोज़ इनसे नुकसान हो रहा होता है। ऐसे में कोक्रोच को केवल गंदगी फैलाने वाला जीव समझना बहुत बड़ी भूल हो सकती है। आइए जानें कि ये किस तरह हमारी सेहत को नुकसान पहुँचा सकते हैं और घर में इनसे कैसे बचा जा सकता है।
कोक्रोच से हो सकती है एलर्जी
कोक्रोच का मल, थूक और इनके टूटे हुए अंग हवा में उड़ते हैं और जब हम इन्हें सांस के साथ अंदर लेते हैं, तो ये ब्रेन और शरीर को एलर्जिक बना सकते हैं। इससे गले में खराश, आंखों में जलन, बार-बार छींक आना, और अस्थमा की समस्या हो सकती है। छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों में इसका असर और भी ज़्यादा गंभीर हो सकता है। खासतौर पर जिन घरों में सफाई कम होती है या नमी ज़्यादा रहती है, वहां कोक्रोच आसानी से पनपते हैं और उनके ज़रिए सांस से जुड़ी बीमारियाँ फैल सकती हैं। इसलिए एलर्जी से बचने के लिए नियमित सफाई और कीटनाशक का प्रयोग बहुत ज़रूरी है।
संक्रमण भी फैला सकते हैं कोक्रोच
कोक्रोच सिर्फ एलर्जी नहीं, बल्कि टाइफाइड, डायरिया, सैल्मोनेला और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियाँ भी फैला सकते हैं। जब ये कीट खाने-पीने की चीज़ों पर चलते हैं या उनमें अपने मल और थूक छोड़ते हैं, तो वह खाना संक्रमित हो जाता है। फिर अगर कोई उसे खा ले, तो पेट दर्द, उल्टी-दस्त, बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इससे जल्दी असर होता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि किचन को साफ रखें, खाने को ढककर रखें और कोक्रोच को घर से बाहर निकालने में देरी न करें ।
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए
अगर आपको या परिवार के किसी सदस्य को बार-बार छींक, खाँसी, सांस फूलना, गले में खराश, आंखों में जलन या त्वचा पर रैशेज़ हो रहे हैं, तो कोक्रोच के संपर्क की संभावना हो सकती है। कुछ लोग पेट दर्द, डायरिया, उल्टी जैसी समस्याएं भी अनुभव करते हैं। जिन लोगों को अस्थमा है, उनमें कोक्रोच के कारण अटैक बढ़ सकता है। ऐसे में लक्षणों को हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही घर की सफाई और कोक्रोच नियंत्रण पर ध्यान दें।
कोक्रोच से बचाव के आसान उपाय
- कोक्रोच नमी वाली जगहों पर ज़्यादा पनपते हैं, इसलिए बाथरूम और किचन को सूखा और साफ रखें।
- खाने की चीजों को ढक कर रखें और बर्तन तुरंत साफ करें।
- कचरा रोज़ समय पर बाहर फेंकें और डस्टबिन को ढक कर रखें।
- दरारें, सुराख और पाइप के किनारों को बंद करें ताकि कोक्रोच घर में न घुसें।
- ज़रूरत हो तो प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल कराएं और घरेलू उपायों में नीम या बोरिक पाउडर का प्रयोग करें।
