Hill Station in North East: गर्मी के मौसम में जब उत्तर भारत के अधिकांश इलाके तपते सूरज और चिलचिलाती गर्मी से बेहाल होते हैं तब उत्तर-पूर्व भारत यानी नॉर्थ ईस्ट इंडिया एक ठंडी राहत की तरह सामने आता है। प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली, शांत वातावरण और ठंडी हवाओं से भरपूर नॉर्थ ईस्ट के हिल स्टेशन ना सिर्फ गर्मी से बचने का ठिकाना हैं बल्कि यहां की अनोखी संस्कृति और लोक जीवन भी यात्रियों को बेहद आकर्षित करता है। तो आइए जानते हैं नॉर्थ ईस्ट के ऐसे 5 हिल स्टेशन जहां गर्मियों में घूमने का प्लान जरूर बनाना चाहिए।
शिलांग, मेघालय

मेघालय की राजधानी शिलांग को पूर्व का स्कॉटलैंड कहा जाता है। बादलों से ढकी पहाड़ियां, झरने, घास के मैदान और हरियाली इसे बेहद खास बनाते हैं। गर्मियों में यहां का तापमान बेहद सुहावना होता है। इस जगह पर एलिफैंटा फॉल्स, शिलांग पीक, वॉर्ड्स लेक और पुलिस बाजार घुमा जा सकता है। इस जगह पर पहुँचना भी आसान है। गुवाहाटी से शिलांग की दूरी लगभग 100 किमी है जिसे टैक्सी या बस से तय किया जा सकता है।
गैंगटोक, सिक्किम
सिक्किम की राजधानी गैंगटोक न केवल ठंडे मौसम बल्कि अपने व्यवस्थित शहर और आध्यात्मिक माहौल के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां से कंचनजंगा की बर्फीली चोटियों का नज़ारा मन मोह लेता है। त्सोंगमो लेक, बाबा हरभजन मंदिर, नाथुला पास, MG रोड यहाँ की ख़ास जगहें हैं जहां आप घूम सकते हैं। यह न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से लगभग 120 किमी की दूरी पर स्थित है।
तवांग, अरुणाचल प्रदेश

भारत के सबसे दूरदराज़ और शांत हिल स्टेशनों में से एक है तवांग। यह अपनी बौद्ध संस्कृति, खूबसूरत मठों और बर्फीले वातावरण के लिए जाना जाता है। गर्मियों में भी यहां हल्की ठंड का अहसास बना रहता है। इस जगह पर आकर आप तवांग मठ, सेल झील, बुम ला पास, जसमन गढ़ी घूम सकते हैं। तावंग तेजपुर या गुवाहाटी से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
चेरापूंजी, मेघालय
दुनिया में सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में से एक है चेरापूंजी। लेकिन गर्मियों में यहां का मौसम न तो ज्यादा बारिश वाला होता है और न ही गर्म। यह जगह अपनी जीवित जड़ पुलों और झरनों के लिए मशहूर है। इस जगह पर यदि आते हैं तो नोहकलिकाई फॉल्स, डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज और मावस्माई गुफा घूमना बिलकुल भी नहीं भूलें। शिलांग से टैक्सी या बस से चेरापूंजी जाया जा सकता है।
जिरो वैली, अरुणाचल प्रदेश

यह एक शांत, सुंदर और बहुत कम भीड़-भाड़ वाला हिल स्टेशन है जो अपने खूबसूरत खेतों, बाँस के घरों और अपातानी जनजाति की संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां की हरियाली और शांति यात्रियों को एक अलग दुनिया में ले जाती है। इस जगह पर मिदी पुखो, ताल्ले घाटी, अपातानी संस्कृति और लोकल मार्केट घूमने और देखने की ख़ास जगहें हैं। इस जगह पर ईटानगर से सड़क मार्ग द्वारा जिरो पहुँचा जा सकता है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
यदि आप इस गर्मी में भीड़भाड़ से दूर शांत, ठंडी और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं तो नॉर्थ ईस्ट के ये हिल स्टेशन आपके लिए परफेक्ट हैं। यहां का मौसम सुहावना, नज़ारे अद्भुत और अनुभव बेहद सुकूनदायक होते हैं। तो इस बार स्विट्जरलैंड नहीं नॉर्थ ईस्ट का रुख करें और भारत के इन छुपे खज़ानों को करीब से जानें।
