यह सच है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में लोगों के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं, जिसका प्रभाव उनकी जीवनशैली पर पड़ रहा है। बिगड़ती जीवनशैली का प्रभाव केवल स्वास्थ पर ही नहीं, बल्कि सौंदर्य पर भी पड़ रहा है। पहले के समय में बढ़ती उम्र की जो रेखाएं 40 वर्ष के बाद महिलाओं के चहरे पर नजर आती थी, अब वो 30 वर्ष में नजर आने लगी हैं। इस बारे में सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. बी.के. अग्रवाल का कहना है कि एंटी एजिंग एक ऐसी समस्या है जो आजकल अधिकतर महिलाओं को प्रभावित कर रही है। परिणाम है कि महिलाएं अपनी उम्र से कहीं ज्यादा बड़ी नजर आती हैं। उनके चेहरे पर पड़ी फाइन लाइन्स उनकी खूबसूरती पर दाग लगती हैं। त्वचा अपना लचीलापन खोने लगती है और ये सिकुडऩें स्थायी बनने लगती हैं। इस तरह से फाइन लाइन्स धीरे-धीरे गहरी झुर्रियों का रूप ले लेती हैं।

कैसे बचें एजिंग की निशानी से
अगर एजिंग की निशानी से बचना है तो जरूरी है कि आप अपने जीवनशैली में होने वाले उन सभी कारणों को जानें जो आपके सौंदर्य को प्रभावित करते हैं।

 

गलत खान-पान: हम क्या खाते हैं और क्या नहीं, यह दोनों ही बातें हमारे स्वास्थ्य के साथ सौंदर्य को भी प्रभावित करती हैं। आजकल अधिकतर लोग जंक फूड को ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा कॉफी और चाय का भी सेवन लोग अधिक करने लगे हैं। चाय में मौजूद निकोटीन और कॉफी में मौजूद कैफीन की मात्रा स्वास्थ्य और त्वचा दोनों को प्रभावित करती है। इसलिए अधिक चाय- कॉफी नहीं पीनी चाहिए। इसके अलावा अत्यधिक तेल, मिर्च और मसाले वाला खाना भी अस्वस्थ त्वचा और एजिंग का सबसे बड़ा कारण हो सकता है। स्वास्थ्य और स्वाद के बीच का बिगड़ा संतुलन त्वचा को कमजोर और बेजान बना देता है। इसलिए बैलेंस्ड डाइट बहुत जरूरी है।

स्मोकिंग: शहर बड़े हों या छोटे, आजकल हर जगह स्मोकिंग करना एक फैशन बन गया है। धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए तो नुकसानदेह होता ही है, साथ ही त्वचा पर उम्र के निशानों के लिए भी जिम्मेदार होता है। सिगरेट के धुएं से एजिंग का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप सजें कुछ इस तरह अपना सौंदर्य लंबे समय तक बनाए रखना चाहती हैं तो स्मोकिंग को अपनी जीवनशैली से बिलकुल दूर रखें।

 

शराब का सेवन: शराब का ज्यादा सेवन त्वचा में छोटी-छोटीे रक्त वाहिकाओं का जाल बना देता है और त्वचा की सतह के पास रक्त के प्रवाह को बढ़ा देता है जिससे एजिंग का असर त्वचा पर ज्यादा स्पष्ट नजर आने लगता है।

उम्र की घड़ी को धीमा करें

क्यूटिस स्किन स्टूडियो की डर्मोटोलॉजिस्ट और लेजर सर्जन डॉ. अप्रतिम गोयल का कहना है कि भागती-दौड़ती, स्ट्रेस, प्रदूषण और तनाव भरी वर्तमान जिंदगी में उम्र का गहरा असर जीवन पर पडऩे लगा है। उम्र की घड़ी की टिकटिक पांच साधारण ‘लाइफ मन्त्र को जीवन का हिस्सा बनाकर धीमा कीजिये और लंबे समय तक अप्रतिम युवावस्था पाइए।

एक्सरसाइज: एक्सरसाइज बॉडी को फिट रखने के साथ टोन्ड करने का काम करती है। इससे शरीर का रक्तसंचार बढ़ता है और त्वचा में आंतरिक रूप से चमक आती है। इसलिए अपने दिनचर्या में मेडिटेशन, योगा, एक्सरसाइज या जुंबा डांस को शामिल करें। एक्सरसाइज त्वचा की उम्र को कम करने के साथ ही उसको डिटॉक्सीफाई करने और हमेशा खिली-खिली बनाकर रखती है। शोध बताते हैं कि व्यायाम शरीर में एंडोॢफन नामक हार्मोन को रिलीज करती है और त्वचा की प्राकृतिक चमक को कम करने वाले स्ट्रेस को दूर भगाती है। एक्सरसाइज त्वचा की एक परत ‘डर्मिस को पतला होने से रोकती है और त्वचा के विकास के लिए जिम्मेदार तत्वों को रिलीज करती है।

समय पर खाएं खाना: गलत समय पर खाया गया पोषणयुक्त आहार भी कई बार सेहत को नहीं लगता है। इसलिए जरूरी है कि सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन सही समय पर खाएं। डाइटीशियन की मानें तो सुबह का नाश्ता 7:00 से 9:00 के बीच हो जाना चाहिए। इसके अलावा दोपहर के खाने का सही समय 12:00 से 2:00 बजे तक का है और रात का खाना 7:00 से 8:00 के बीच हो जाना चाहिए। रात के समय हल्का ही खाना खाना चाहिए।

भरपूर नींद लें: चेहरे पर पडऩे वाली फाइन लाइन से बचने के लिए भरपूर नींद जरूरी है। नींद और सौंदर्य का बहुत गहरा संबंध है। अगर 8 से 10 घंटे की भरपूर नींद न ली जाए तो केवल आंखों के नीचे काले घेरे ही नहीं शुरू हो जाते हैं, बल्कि फाइन लाइन भी चेहरे पर आने लगती हैं। लोगों की नींद सम्बन्धी अनियमित आदतें, नई त्वचा बनने की प्रक्रिया और कोशिकाओं की मरम्मत के कार्य में बाधा उत्पन्न करती हैं। साथ ही इससे त्वचा की इम्युनिटी पर भी बुरा असर पड़ता है। ग्रोथ हार्मोन के निर्माण के नियमित होने के साथ ही सोनेजा गने की प्रक्रिया को कंट्रोल करने वाले हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन के लिए भी रात की भरपूर नींद की आवश्यता होती है, यह बाद में एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह कैंसर से लडऩे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तनाव: तनाव कई बीमारियों का मुख्य कारण है। आजकल हमारे जीवन में किसी न किसी वजह से तनाव की भूमिका बढ़ती जा रही है। तनाव कई बीमारियों का मुख्य कारण है। अत्यधिक तनाव से चेहरे की मांसपेशियां खिंचती हैं और फिर चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगती हैं। इसलिए हमेशा तनावमुक्त और खुश रहने की कोशिश करें।

सन प्रोटेक्शन: सूर्य की यूवीए यानी अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा के लिए हानिकारक होती हैं। त्वचा के इन किरणों के सीधे संपर्क में आने पर एजिंग प्रक्रिया तेज हो जाती है। सूरज का रेडिएशन त्वचा के टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है। त्वचा पर नजर आने वाले उम्र को दर्शाने वाले 90 प्रतिशत से भी अधिक चिह्नों के लिए सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणें जिम्मेदार होती हैं। इसके अलावा, फोटो एजिंग (समय से पहले त्वचा पर उम्र का दिखना) के साथ यू वी किरणों की वजह से उत्पन्न होने वाले फ्रेकल्स या चकत्तियां, भूरे धब्बे (लेंटिजिनेस) और अन्य परेशानियां होने लगती हैं। इसलिए 30 या 30 से ज्यादा एसपीएफ वाले सनस्क्रीन का उचित मात्रा में, आवश्यक रूप से प्रयोग करें।

पानी का अधिक सेवन: चमकदार त्वचा और टॉक्सिनमुक्त शरीर के लिए खुद को हमेशा हाइड्रेट रखें। रक्त संचरण और शरीर के भीतर चलने वाली कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए रोज 10 गिलास पानी पिएं। पानी का सेवन आपकी त्वचा को तना हुआ, नरम और झुर्रियों से मुक्त बनाए रखेगा। एजिंग से बचने के लिए जरूरी है कि आप पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। पानी शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर निकालने के साथ त्वचा को ग्लोइंग बनाता है। लेकिन आजकल लोग पानी कम कोल्ड ड्रिंक ज्यादा पीते हैं। नतीजा, रूखी और बेजान त्वचा के रूप में सामने आता है।

एंटी ऑक्सिडेंट फूड लें: एजिंग से बचने के लिए आप पोषक और एंटी ऑक्सिडेंट फूड का अधिक सेवन करें। एंटी अॅक्सिडेंट के लिए ग्रीन टी, संतरा, हरी सब्जियों, नट्स, अंडा, दालचीनी और फलों के जूस आदि को अपने डाइट में शामिल करें। एंटी ऑक्सिडेंट त्वचा में एक नई जान भरने के साथ उसमें कसावट भी लाता है।