21 जून को इस बार 4 संयोग एक साथ बन रहे हैं। इस दिन फादर्स डे भी है, हलहारिणी अमावस्या भी है, सूर्य ग्रहण व योग दिवस भी है। आमतौर पर हम अमावस्या के दिन गंगा में स्नान करना शुभ मानते हैं परंतु इस बार घर पर ही गंगा जल से स्नाश करना उचित रहेगा। हलहारिणी अमावस्या का हिंदू धर्म में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। आप इस दिन पितरों का तर्पण, सूर्ये पूजन, हल पूजन व अर्घ्य दें, यह बहुत ही अच्छा माना जाता है। 

सूर्य ग्रहण

इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के आसान उपाय 

1. अमावस्या का महत्त्व पितृ देवों से ही होता है। हम अमावस्या को अपने पितृ देवतों आदि को प्रसन्न करने के लिए ही मनाते हैं।

2. इस दिन सूर्य ग्रहण होने की वजह से मूर्तियों को स्पर्श न करें। गायित्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र व सूर्य मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभदायक रहता है।

3. आप चाहे तो इस दिन पितरों का श्राद्ध कर सकते हैं यह अमावस्या के दिन उचित रहता है।

4. अपने पितरों को खुश करने के लिए आप इस दिन हवन, ब्रह्म भोज आदि करा सकते हैं। व साथ साथ दान दक्षिणा भी करें।

5. इस दिन योग दिवस भी है। इसलिए योग करना भी अत्यंत लाभकारी रहेगा। 

6. अमावस्या के दिन व्रत करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

7. फादर्स डे होने के कारण इस दिन पिता की सेवा करना व उन की आज्ञा का पालन करना भी बहुत अच्छा रहता है।

8. अमावस्या का व्रत करने से न केवल पितृ खुश होते हैं बल्कि ब्रह्मा, इंद्र, रूद्र, अश्विनि कुमार, सूर्य, अग्नि, वायु, ऋषि, मनुष्य, पशु पक्षी व सरीसृप आदि भूतप्राणी भी तृप्त हो कर प्रसन्न होते हैं।

9. जिन लोगों की कुंडली में संतान हीन योग बन रहा हो उन को अमावस्या का व्रत जरूर करना चाहिए।

10. हिंदू धर्म में अमावस्या का अत्यधिक महत्त्वपूर्ण स्थान है।

11. शास्त्रों में कहा गया है कि देवों से पहले पितरों को प्रसन्न करना चाहिए तभी मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

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