Hindi Poem
Hindi Poem

Hindi Poem: एक निर्णय, एक निश्चय, एक अटल विश्वास हो ।
छल छद्म,कपट, विद्रोह, विद्वेष का जहां निकास हो।
सम्मान, निष्ठा और आत्म संतोष, अपनों का जहां विकास हो।
एक हिस्सा जब रूठे तो मनाने को
सब एक साथ हो।
जब कोई सदस्य छूटे तो जुड़ जाए वही प्रयास हो।
त्याग और समर्पण की भावना का ही जहां निवास हो।
सुख दुख में सभी साथ रहेंगे ऐसा ही मन में विश्वास हो।
रिती रिवाज परंपराओं के निर्वहन
की जगह खास हो।
 धर्म, कर्म, सत्य, आस्था इन तत्वों का जहां आभास हो।
जहां रहे ये सब गुण वहां तो ईश्वर का सदा ही वास हो।