‘स्वामी संजय भारती’ न केवल ओशो के लोकप्रिय पुराने संन्यासी हैं बल्कि सालों से ओशो की पुस्तकों एवं पत्रिकाओं के प्रकाशन व संपादन में सहयोगी भी रहे हैं। प्रस्तुत है ‘वाइल्ड-वाइल्ड कंट्री’ के संदर्भ में लिए गए साक्षात्कार के प्रमुख अंश।
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मेरी लीला अभी भी जारी है – ओशो
लीला अनूठा शब्द है। दुनिया की किसी भाषा में इसका अनुवाद नहीं किया जा सकता। क्योंकि अगर हम कहें प्ले, तो वह खेल का अनुवाद है। लीला परमात्मा के खेल का नाम है। लीला का अर्थ है वर्तमान में जीना। लीला का मतलब ही यह हुआ कि सब अकारण है।
