अधिक मास में भगवान विष्णु की आराधना का फल दस गुना अधिक मिलता है। और इस माह में श्रीकृष्ण, श्रीमद्भगवतगीता, रामकथा वाचन और श्रीहरि विष्णु भगवान की उपासना की जाती है। माना जाता है कि मास के कम यां अधिक होने की संभावना चंद्र मास में ही होती है। लेकिन यह निर्णय सूर्य संक्रांति से होता है। सामान्यतः प्रत्येक माह में संक्रांति अर्थात सूर्य का राशि परिवर्तन एक बार अवश्य रहने से चंद्र मास की प्रक्रिया सहज चलती रहती है।
