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नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-17

चिड़ियों के चहचहाने के साथ ही बेला की आँख खुल गई। उसने अपनी कोमल उंगलियों से पलकों को मसला-वातावरण में हर ओर सुगंध फैल रही थी-उसने एक लंबी साँस लेते हुए कमरे की छत की ओर देखा-कबूतरों का एक जोड़ा ऊपर बैठा गुटर-गूँ कर रहा था। नीलकंठ नॉवेल भाग एक से बढ़ने के लिए इस […]

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