क्यों कहते हैं कि एक मां सिर्फ़ मां होती है और उसे अपनी औलाद से
बढ़कर कुछ नहीं लगता, यह सिर्फ एक मां होकर ही जाना जा सकता
है। एक मां को इस बात से कोई $फर्क नहीं पड़ता कि उसकी औलाद
क्या है, कैसी है। वह जैसी भी हो, उसके लिए अनमोल होती है। जानिए
एक ऐसा ही पहलू, इस मर्मस्पर्शी कहानी को पढ़कर।
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