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मुंशी प्रेमचंद की सवा सेर गेहूॅं- गृहलक्ष्मी कहानियां

क्या घर आए साधु को भोजन खिलाने की चाहत रखना शंकर की गलति थी या ये उसकी अज्ञानता थी जिसने उसके साथ असके परिवार का भी सर्वनाश कर दिया।