क्या घर आए साधु को भोजन खिलाने की चाहत रखना शंकर की गलति थी या ये उसकी अज्ञानता थी जिसने उसके साथ असके परिवार का भी सर्वनाश कर दिया।
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गोदान – मुंशी प्रेमचंद
(Godan) गोदान : एक परिचय Godan Hindi Novel : ग्रामीण परिवेश और कृषक जीवन का जीता जागता चित्रण है ‘गोदान’.1936 में प्रकाशित ‘Godan’ प्रेमचंद का अंतिम सम्पूर्ण उपन्यास भी है और सर्वोत्तम कृति भी, ‘जिसमें प्रेमचंद ने गाँव और शहर की कथाओं का यथार्थ और संतुलित चित्रण किया है। शायद ही कोई भाषा हो, जिसमें […]
