घरेलू हिंसा हमेशा से हमारे समाज की जड़ों में शामिल रही है, लेकिन लाॅकडाउन की वजह से मामले बढ़े हैं। ऐसे हालात में महिला और बच्चे इस हिंसा के ज्यादा षिकार हो रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और घरों में ही बंद रहना कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए प्रमुख कारक हैं, लेकिन इससे षोशण करने वालों को भी अवसर मिल रहे हैं।
