फागुन शुरू होता है तो मेरा दिल बल्लियों उछलने लगता है। इस बार दिल अतिरिक्त उत्साह से भरा था, सो मैंने मोहल्ले की भाभियों की बैठक बुलाई और होली खेलने का प्रस्ताव रखा। इसपर भाभियां भी उछल पड़ीं। आप जानते ही हैं कि भाभियां कितनी प्यारी होती हैं- मिसरी की डली-सी। मेरा प्रस्ताव सुन चम्पा […]
