अपने महंगे डिज़ाइनर कपड़ों को एक बार पहनने के बाद दोबारा कभी न पहन सकने पर डिंपल मीरचंदानी को एहसास हुआ कि कई कारीगरों की महीनों की मेहनत को यूं ही वार्डरोब में रखना सही नहीं है और यही से उन्होंने सीक्रेट ड्रेसर शुरू करने के बारे में सोचा। डिंपल का मानना है कि ऐसा कुछ भी नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकतीं हैं और इसलिए हम बना रहे हैं उन्हें गृहलक्ष्मी ऑफ द डे।
