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रेड जोन – गृहलक्ष्मी कहानियां

येलो जोन और ग्रीन जोन में ठेके खुलने की खबर टीवी पर आते ही रामवीर की आंखें चमकने लगी । इसका मतलब परसों से अलमारी में रखी खाली बोतलों को देखकर लंबी सांस लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।इस लाक डाउन ने भी कैसे दिन दिखला दिए । एक महीने से एक बूंद भी चखने को तरस गया । कहां हर दिन ना सही मगर हफ्ते में दो -तीन दिन तो शाम रंगीन हो ही जाया करती थी।

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