अभी वेलेंटाइन डे की खुमारी से नहीं उबरे थे। यह रक्षाबंधन कहां से आ गया और क्या हमारे लिये ही आ गया। आ गया तो आ गया मगर इन कन्याओं को क्या हो गया है। पुरा भर की लड़कियां हमें राखी बांधो अभियान छेडऩे जा रही हैं। हम और हमारी कलाई इत्ती फालतू है क्या।
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पवित्र रिश्ता
अमरीन को बहन मानने वाला कृष्णमोहन रक्षाबंधन के दिन राखी बंधवाने अमरीन के पास पहुंचा, लेकिन धर्म के लिए अंधे लोगों ने उसके साथ क्या किया, धर्म की आंधी में भावनाओं को दबा देने वाली कहानी…
