Relationship
Relationship Tips Credit: Istock

Relationship Alert: आधुनिक डेटिंग ने अपनी खुद की एक लैंग्‍वेज बनाई है। बेंचिंग, ब्रेडक्रंबिंग और कुशनिंग जैसे शब्‍दों के बाद अब घोस्टिंग शब्‍द लोकप्रिय हो रहा है। किसी भी रिलेशनशिप में घोस्टिंग सबसे क्रूर और दर्दनाक बिहेवियर हो सकता है। घोस्टिंग पति-पत्‍नी और गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड किसी के बीच में भी हो सकती है। इसमें रिश्‍तों में दूरियां आ जाती हैं और पार्टनर्स के बीच कम्‍यूनिकेशन लगभग बंद हो जाता है। घोस्टिंग बिहेवियर में पार्टनर के साथ रहना कितना मुश्किल हो सकता है और ये रिश्‍ते पर कैसे वार करता है चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्‍या है घोस्टिंग बिहेवियर

घोस्टिंग बिहेवियर से ऐसे निपटें
What is ghosting behavior

यदि आपका पार्टनर आपसे बात करने से बचने लगे, आपकी बातों को अनसुना करे या आपकी भावनाओं की कद्र न करें तो समझ लीजिए कि आपका पार्टनर घोस्टिंग बिहेवियर का शिकार है। घोस्टिंग बिहेवियर टॉक्सिसिटी का एक टाइप है जो मेंटल हेल्‍थ के कारण हो सकता है। इस स्थिति में पार्टनर आप पर हावी होने की कोशिश कर सकता है जिसके लिए वह सीमाएं भी लांघ सकता है। इसमें लड़ना, मारना-पीटना और नजरअंदाज करना शामिल है। घोस्टिंग बिहेवियर के चलते पार्टनर अलग और शांत रहना ज्‍यादा पसंद करते हैं।

घोस्टिंग बिहेवियर के संकेत

–  पार्टनर के साथ अलगाव

–  एक-दूसरे की बातों को नजरअंदाज करना

–  भावनाओं को ठेस पहुंचाना

–  हाथ उठाना या चिल्‍लाना

–  शांत और अलग रहना

–  ब्रेकअप करने का विचार

–  उदास और परेशान महसूस करना

घोस्टिंग बिहेवियर के कारण

भावनाओं की कमी: जब पार्टनर भावनात्‍मक रूप से आप से दूरी बना लेता है तो घोस्टिंग की स्थिति पनप सकती है। भावनाओं की कमी के कारण पार्टनर ऐसा महसूस कर सकता है।

लड़ाईयां होना: कोई भी रिश्‍ता परफेक्‍ट नहीं होता। लड़ाइयां और मनमुटाव होना स्‍वभाविक होता है। लड़ाइयों की वजह से भी घोस्टिंग की स्थिति पनप सकती है।

चीट करना: कई बार पार्टनर के झूठ बोलना और चीट करना भी घोस्टिंग का कारण बन सकता है। 

कम्‍यूनिकेशन की कमी: कम्‍यूनिकेशन यानी बातचीत की कमी भी घोस्टिंग बिहेवियर को बढ़ावा दे सकती है।

घोस्टिंग बिहेवियर से कैसे निपटें

घोस्टिंग बिहेवियर से ऐसे निपटें
How to Deal With Ghosting Behavior

पार्टनर से करें चर्चा: यदि आपको ऐसा लग रहा है कि पार्टनर आपके साथ गलत व्‍यवहार कर रहा है तो पार्टनर से बात करें। उसके ऐसे बिहेवियर के बारे में जानने का प्रयास करें।

काउंसलिंग करें: पार्टनर ऐसा व्‍यवहार क्‍यों कर रहा है इसे जानने की कोशिश करें। इसके लिए आप काउंसलिंग का सहारा ले सकते हैं।

क्‍वालिटी टाइम बिताएं: पार्टनर की गलतफहमियों को दूर करने के लिए एक-दूसरे के साथ क्‍वालिटी टाइम बिताएं। साथ में कॉफी पिएं, ट्रेवल करें या फिर मूवी नाइट प्‍लान कर सकते हैं।

प्‍यार से समझाएं: यदि आपका पार्टनर आपसे ऊंची आवाज में बात करता है या हाथ उठाता है तो उसे खुद पर हावी न होने दें। लड़ाई करने से बेहतर है कि आप उसे प्‍यार से समझाएं।

स्‍पेस दें: कई बार रिश्‍ते में स्‍पेस की कमी की वजह से भी पार्टनर घोस्टिंग बिहेवियर को अपना लेता है। इसलिए पार्टनर को पर्सनल स्‍पेस दें। उसे मी टाइम बिताने दें।

बहस करने से बचें: पार्टनर यदि आपसे किसी बात पर झगड़े या बहस करें तो उस दौरान आप शांत हो जाएं। बहस करने से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। शांत रहकर उसके व्‍यवहार को ऑब्‍जर्व करें।