Marriage Advice: माना जाता है कि बच्चा पति-पत्नी के बीच की डोर होता है जो उनके नाजुक रिश्ते को मजबूत बनाने का काम करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार बच्चा ही डिवोर्स यानी तलाक का कारण भी बन जाता है। जी हां, ब्रिटेन में हुए एक सर्वे के अनुसार बच्चा होने के बाद पुरुषों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। माना जाता है कि बच्चा होने के बाद कपल्स की प्राथमिकताएं और जिम्मेदारियां बदल जाती हैं जिसके कारण वह पहले कि तरह रोमांटिक और आकर्षक नहीं लगते। खासकर पत्नी मां बनने के बाद पूरी तरह से बदल जाती है। उनका सारा ध्यान सिर्फ बच्चे की परवरिश और आवश्यकताओं को पूरा करने पर ही होता है, जिसके कारण वह पति की ख्वाहिशों को नजरअंदाज करने लगती हैं। साथ ही बच्चा होने के बाद आर्थिक दबाव और थकान भी पति-पत्नी के रिश्ते में खटास डाल सकती है। लेकिन पति-पत्नी का रिश्ता इतना भी नाजुक नहीं होता जिसे आसानी से तोड़ा जा सके। रिश्ते में आई खटास को कम करने के लिए यदि थोड़ा सा एफर्ट लगाया जाए तो ये रिश्ता लंबे समय तक साथ निभा सकता है। बच्चा होने के बाद पति-पत्नी कैसे अपने रिश्ते की नई शुरुआत कर सकते हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।
बिताएं क्वालिटी टाइम

पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि वह एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। बच्चों की परवरिश और देखभाल के चलते कपल्स को अपने लिए समय नहीं मिल पाता जिसकी वजह से वह चिड़चिड़ाने लगते हैं और एक-दूसरे से दूरी बना लेते हैं। ऐसे में कपल्स को वीकेंड में कुछ घंटे अपने लिए निकालने चाहिए और एक साथ डिनर डेट या कॉफी डेट पर जाना चाहिए। आप चाहे तो बच्चे की जिम्मेदारी कुछ समय के लिए उसके ग्रांड पेरेंट्स पर छोड़ सकते हैं।
एक्सपेक्टेशन को करें मैनेज
पति अपनी पत्नी से हाई एक्सपेक्टेशन रखता है। कई बार एक्सपेक्टेशन पूरी न होने पर पति एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के जाल में भी फंस जाता है। हालांकि एक्सपेक्टेशन रखना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन जब आप पर जिम्मेदारियां अधिक होती हैं तो हर एक्सपेक्टेशन को पूरा करना मुमकिन नहीं हो पाता। इसलिए पुरुषों को पत्नी से लिमिटेड एक्सपेक्टेशन ही रखनी चाहिए जो पूरी की जा सकें।
जिम्मेदारियां बांटे

मां बनने के बाद किसी भी महिला कि जिम्मेदारियां लगभग डबल हो जाती हैं। ऐसे में कई बार वह खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पातीं। बच्चे को पालने की जिम्मेदारी दोनों पेरेंट्स की बराबर होती है इसलिए हर जिम्मेदारी को शेयर करना सीखें। काम और जिम्मेदारियों को बांटने से काम जल्दी हो सकता है और आपको एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का समय भी मिल जाएगा।
एक-दूसरे का करें सपोर्ट
बच्चा किसी भी कपल्स की जिंदगी में रंग भर सकता है। हालांकि उसे पालना आसान नहीं होता लेकिन पति-पत्नी एक दूसरे का सपोर्ट करें तो ये काम आसान बन सकता है। इसलिए पुरुषों को महिलाओं के काम और आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए और उनकी भरसक मदद करनी चाहिए। वहीं महिलाओं को भी पुरुषों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए उन्हें प्यार और सम्मान देना चाहिए ताकि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स जैसी स्थिति से बचा जा सके। रिश्तों में आई खटास लंबे समय तक नहीं रहती, यदि कोशिश कि जाए तो रिश्ते में मधुरता लाई जा सकती है।
