न्यूज़पेपर में अक्सर एकतरफा प्रेम से जुडी खबरें देखने को मिल जाती हैं. कभी किसी ने किसी के प्यार में ख़ुदकुशी कर लिया तो किसी ने किसी और का जीवन बर्बाद कर दिया. एक तरफा प्यार में लोग अक्सर या खुद को ख़त्म करने  की कोशिश करते हैं या उस इंसान को चोट पहुँचाने की कोशिश करते हैं जो उनका नहीं हो सका. लेकिन थोड़ी समझदरी से एकतरफा प्रेम को समझा भी जा सकता है और संभाला भी जा सकता है…पढ़िए-

कम उम्र, अपरिपक्व सोच व अपोजिट सेक्स के प्रति आकर्षण
युवा अपनी अपरिपक्व मानसिक सोच की वजह से कई बार किसी विपरीत सेक्स के इंसान के  प्रति इतना आकर्षित हो जाते हैं की उसे अपना सबकुछ मान लेते हैं. कभी-कभी ये  दीवानगी उन में रोग बन कर प्रदर्शित होने लगती हैं। ऐसे युवक-युवतियां छिपछिप कर उस व्यक्ति को देखते हैं, उस के बारे में सोचते रहते हैं, उसे मन ही मन चाहने लगते हैं, उस से काल्पनिक गुप्त संबंध बना लेते हैं, ऐसे व्यक्तियों की बात सुनसुन कर उन्हें मानसिक संतुष्टि का एहसास होता है। एकतरफा प्यार का यह व्यवहार अथवा आकर्षण विपरीत सेक्स के कारण तो उत्पन्न होता ही है, इस के अतिरिक्त दूसरों के कुछ गुण, कोई व्यवहार, अदाएं, लुक्स  या उसकी सफलता भी हमें आकर्षित कर सकती हैं और हम उस से अपना भावनात्मक संबंध स्थापित कर लेते हैं।

अवैध संबंधों को बढ़ावा देता है ऐसा प्रेम
एकतरफा प्रेम का यह सोच पागलपन का ही प्रर्याय है। वास्तव में इस प्रकार का सोच आप को अनावश्यक रूप से तनावग्रस्त तो रखता है, अवैध संबंधों अथवा अपराधों के लिए भी प्रेरित करता है। मन में आई इस तरह की उलजलूल बातें आप को सदैव हताश और निराश ही करेंगी।
एकतरफा प्रेम का यह व्यवहार किशोर उम्र के भावुकता भरे सोच के अतिरिक्त कुछ नहीं, इसलिए इस सोच को जीवन का आधार मानकर किसी प्रकार का निर्णय लेना मुर्खता है।

हमेशा याद रखें कि कभी किसी को मुकम्मिल जहाँ नहीं मिलता…
यह हमेशा ध्यान में रखें कि वह जरूरी नहीं कि जिसे हम चाहें, वह हमें मिल ही जाये. दो लोगों के न मिल पाने के कई कारन होत्र हैं. 

कर्तव्य और भावनाओं में हमेशा संघर्ष होता आया है इस संघर्ष में जहां भावनाएं प्रबलि रूप धारण कर लेती हैं, वहीं कुछ कर्तव्य और भावनाओं के इस संघर्ष में हमेशा कर्तव्य को चुनें, अपने सामाजिक और पारिवारिक जीवन में जो व्यावहारिक नहीं, संभव नहीं, वर्जित है, काल्पनिक है, आप की क्षमताओं और सीमा से बाहर है, को प्राप्त करना, प्राप्त करने की इच्छा रखना अथवा अप्राप्त होने पर दुःखी होना एकतरफा व्यवहार है।

प्रेम के प्रति बनाए व्यापक सोच….
लव, अट्रैक्शन और रिजेक्शन, इन चीज़ों पर खुला विचार रखें, अपनी सोच व्यापक बनाएं, किसी को इतना पसंद करना की आपकी लाइफ ख़राब हो जाये या ख़त्म हो जाये, ये सिर्फ बेवकूफी है. जो यथार्थ है, हमारे योगय है, उसे ही स्वीकारें, इस संबंध में खुले दिमाग से दूसरों की प्रतिभा, गुणों, सफलताओं को देखें और फिर अपने मानसिक सोच को पहचानें और उसे अपनाएं. किसी के प्रति अट्रैक्शन है भी तो ये सोच कर जीवन में आगे बढ़े की वो आपके लिए नहीं बना या आपके लिए कोई और बना है. 

कोई क्या कहेगा? मैं अकेली क्या कर सकती हूॅं, आप के सिवा मेरा इस दुनिया में और है ही कौन? मुझे अपने चरणों में पड़ी रहने दो, मैं दासी बन कर ही जीवन जी लूंगी, जैसी बातें मन में कभी न लाएं और न ही हीनता में आकर ऐसे समझौते करें।

एक तरफा प्रेम का अंत सदैव ही दुःखद
यदि जीवन की राह में मिला कोई साथी किसी अन्य दिशा की ओर मुड़ गया है, अथवा आप को कोई नई दिशा मिल गई है तो इसे जीवन का एक खूबसूरत मोड़ समझ अपना लें और आगे बढ़ जाएं।