उत्सवी फूड कैलेन्डर-

त्यौहारों के समय आपकी सेहत बनी रहे इसी बार को ध्यान में रखते हुए मास्टर शेफ प्रतिभागी विजयलक्ष्मी बता रही हैं त्यौहारों का फूड कैलेन्डर ताकि आप कैलेन्डर के मुताबिक अपना खानपान करें।

नवरात्र मेन्यू प्लान

प्रथम नवरात्र
नवरात्र के पहले दिन हो सके तो हल्का खानपान रखें ताकि आपके शरीर में एक ताज़गी और माता का विश्वास रहे।

सुबह-सौंफ की चाय, फ्रूट दही

दोपहर -दोपहर कच्चे पपीते और खीरे की चाट, 1 गिलास टमैटो और गाजर का जूस।

रात्रि-मखाना और टमाटर की सब्जी, कुट्टु की कचौरी, खीरे का रायता।

द्वितीय नवरात्र
दूसरे दिन शांति से माता का गुणगान करें और पूरे दिन माता का ध्यान करने के साथ हल्का भोजन भी करें।

सूबह- गिलास तुलसी बीज वाला अनार का जूस।

दोपहर – आमरंथा सलाद फ्रेश ऑरेंज जूस।

रात्रि – सामा के चावल का पुलाव, केले की सब्जी, आलू टमाटर की सब्जी, 1 कटोरी तड़के वाला दही।

तृतीय नवरात्र
तीसरे दिन हो सके तो खाने का दान करें, ऐसा करने से मन को सुकून और शांति मिलती है।

सुबह- हर्बल टी, बनाना शेक।

दोपहर – साबुदाना उपमा, 1गिलास पुदीना और हरी मिर्च की लस्सी।

रात्रि-केले का कोफ्ता, जीरा व धनिया आलू, सिंघाड़े या कुट्टू के आटे की पूड़ी।

चतुर्थ नवरात्र
तीन पिंडी का वास, इस दिन वैष्णो माता का स्मरण करें ताकि उनका आर्शीवाद सदा हमारे जीवन में रहे।

सुबह-1 गिलास ऑरेंज जूस, चिया सीड (तुलसी के बीज का जूस)

दोपहर – कच्चे केले की फूल की चाट, 1 गिलास नारियल पानी शिकंजी

रात्रि-पनीर की टिक्की, अरबी की सूखी सब्जी, दही वाले आलू पूरी।

पंचम नवरात्र
पंचवे दिन घर से निकलते समय 5 कन्या को सवा रू. और एक फल दान करें।

सुबह-दही, शहद शेक, 1 केला।

दोपहर-ऑरगेनिक आइस बर्ग, चुकंदर, चेरी टमैटो सलाद, 1 गिलास गन्ने का रस।

रात्रि – शंकरकंदी की सीक, पनीर सब्जी, नीलगिरी और सामा का पुलाव।

षष्ठम नवरात्र
छठे दिन कोशिश करें पूरे दिन माता का जाप करें और हल्का खाना खाएं।

सुबह – 1 कप चाय, 1 कटोरी तले हुए मखाने।

दोपहर – ड्राईफ्रूट, आलू की चाट, 1 गिलास फ्रेश जूस।

रात्रि- कद्दू की सब्जी, आलू की तरीवाली सब्जी, सिंघाड़े की पूरी।

सातवां नवरात्र
सांतवे दिन घर में कीर्तन और पूजा पाठ का माहौल रखें।

सुबह-1 कप हर्बल मिंट टी, एवकाडो फ्रूट शेक।

दोपहर- मखाने की चाट, आमरस।

रात्रि- पनीर कालीमिर्च की सब्जी, आलू-पालक की सब्जी, सामा का पुलाव दही, साबुदाने का पापड़।

आठवां नवरात्र
आठवां दिन माता के विदा होने के समय कन्या को दाने दें। रात में भोजन परिवार के साथ करें।

सुबह- 1 कप सिनमन, (दालचीनी) हर्बल टी, 1 गिलास तुलसी के बीज का दूध।

दोपहर-फ्रूट सलाद, शहद वाली लस्सी।

रात्रि-पनीर जाफरानी कोफ्ता, कच्चे केले की सूखी सब्जी, जीरे वाले सामा चावल, तड़के वाली दही, पूड़ी, सिंघाड़े की बर्फी।

नौवां नवरात्र
नौवें दिन पूरे परिवार के साथ माता को विदा करें और कंचके बैठाकर माता के रूप में उनकी सेवा करें।

सुबह-1 कप चाय।

दोपहर-काले चने, आलू की सूखी सब्जी, आटे का हलवा, मटर-पुलाव, पालक -पनीर, नारियल का लड्डू, बूंदी का रायता, पूरी।