कहीं भी घूमने जाने की बात हो, तो पैकिंग करने में बड़ी ही दिक्कतें आती हैं और जब ट्रेकिंग की हो तो और भी टेंशन होने लगती हैं। क्या ले जाए और क्या न ले जाएं? इसी में दिमाग लगा रहता है। तो आइए आज हम आपकी ये समस्या दूर कर देते हैं। हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिससे आपकी पैकिंग कुछ आसान हो जाएगी।
बैगपैक – पैकिंग के लिए सबसे ज्यादा जरुरी होता है एक वाटरप्रूफ और लाइट वेटेड बैगपैक। एक अच्छा बैग ट्रेकिंग की कई प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर सकता है। बैग खरीदते टाइम यह ध्यान देना चाहिए कि उसमें कई पॉकेट्स हो, जिससे सामान को अलग-अलग रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर आसानी से मिल जाए।
जूते – ट्रेकिंग के लिए सबसे जरुरी है आपके पास अच्छे क्वालिटी के ट्रेकिंग बूट्स, जो लाइट वेटेड वाटरप्रूफ हो। इनमें ऐंकल सपोर्ट भी होना चाहिए। इनकी ग्रिप बढिया रहती है।
चूज़ करें सही कपड़े
ट्रेकिंग के लिए ट्रैक पैंट बेस्ट ऑप्शन हैं। इसके साथ ही टी-शर्ट्स, विंड एंड वाटर प्रूफ जैकेट, इनरवियर, मोजे आदि सामान को वेदर के हिसाब से ही रखें।
वॉकिंग पोल
ट्रेकिंग करते समय आपको झाड़ियों से या किसी पहाड़ी से होकर गुज़रना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप वॉकिंग पोल यूज़ करेंगे, तो आपकी ट्रेकिंग कम थकाऊ और कम्फ़र्टेबल महसूस होगी।
स्किन को न भूलें
सनस्क्रीन लोशन, मॉइस्चराइजर, लिप बाम, बॉडी लोशन के साथ ही हैट, सनग्लासेस, मंकी कैप को भी पैक कर लें।
कुछ और ट्रेकिंग एसेंसिअल्स
- ट्रेक पर ले जाने के लिये इलैक्ट्रानिक सामान में कैमरा, चार्जर, मेमोरी कार्ड, मेमोरी कार्ड रीडर, इयरफोन, पावर बैंक को कैरी करना न भूलें।
- ट्रेकिंग के दौरान आपको काफी एनर्जी की जरूरत होती है। इसके लिए जरुरी है कि आप बीच-बीच में कुछ स्नैक्स लेते रहें ताकि एनर्जी मेन्टेन रहें। कुकीज़, नमकीन, कैंडी, चाकलेट, सैंडविच, पानी की बोतल ये वो चीजे हैं, जिन्हे आप जरूर साथ ले जाएं।
- खाली समय में पढने के लिये नॉवेल्स या किताबें भी कैरी कर सकते हैं।
- गैस, शरीर दर्द, पेट दर्द, सिर दर्द, फीवर के लिए मेडिसिन्स, आपकी अपनी रेगुलर दवाईयां, री-हाइड्रेशन पाउडर, पेन रिलीविंग स्प्रे या क्रीम, बैंड एड आदि अवश्य रूप से साथ लें जाएं।
- वेट वाइप्स, हैंड सैनिटाइज़र, लिक्विड सोप, टॉयलेट रोल्स भी कुछ बेहद ज़रूरी चीज़ें हैं, जो साथ में होनी ही चाहिए।
ये भी पढ़ें-
अमरनाथ यात्रा: प्राकृतिक नजारों से सजा है बाबा बर्फानी का दरबार
जानिए 14 साल के वनवास के दौरान कहाँ-कहाँ रहे थे श्रीराम
पहाड़ों में है मां वैष्णो का धाम, जानिए कब, कैसे करें यात्रा
