पांच पहाड़ों कठलौंग, पोटेन, तेहरा, बकरोटा, बलुन पर स्थित यह पर्वतीय स्थल हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित है. वैसे डलहौजी उस धौलाधार पर्वत के सामने पड़ता है जो साल भर बर्फ की नई नई परते ओढ़ती है. चारों और बिखरे कुदरती नजारों में दूर दूर तक सन्नाटें में घूमा जा सकता है. यहां भीड़भाड़ के स्थान पर शांत माहौल है. लंबी छुटिटयां गुजारने वाले एकांतपसंद लोग यहां बड़ी संख्या में आते हैं.
आकर्षण का केंद्र
यहां के गांधी चौक और सुभाष चौक को जो 2 रास्ते जोड़ते हैं उन्हें ठंडी सड़क और गरम सड़क भी कहते हैं. पेड़ों से घिरी ठंडी सड़क डलहौजी की मालरोड भी कहलाती है. यहां बर्फ से ढकी पर्वत श्रंखलाओं को देखने के लिए व्यू प्वांइट बनते हैं. डलहौजी में सप्तधारा विश्राम करने और ठंडा पानी के लिए एक अच्छी जगह है. डानकुंड डलहौजी में सबसे उंचा पर्वत शिखर है जहां से व्यास, चनाब और रावी नदियों को एक साथ देखा जा सकता है. चंदरी घाट एक रमणीक प्रयटक स्थल है. यहां आपको पुराने महलों, खंडहर, पुरानी इमारतों से रूबरू होने का मौका मिलता है.

कालाटोप एक बेहद नर्म खूबसूरत मुलायम घास से सजी सैरगाह है. यहां प्र्यटक घंटों बैठकर प्रकृति के नजारों का मजा लेते हैं. यहां देवदार के अनोखें झुंडों और घने जंगलों के बीच सैलानियों को एक नया अहसास कराता है. जंदरीघाट चंबा के राजाओं के महल और उस की ऐतिहासिक व कलात्मक सुंदरता के लिए जाना जाता है. इसके अलावा पंजपुला और सुभाष चैक भी देख सकते हैं.
डलहौजी हिल स्टेशन की यात्रा खजियार देखे बिना अधूरी ही है. खजियार को देखकर ऐसा लगता है जैसे कुदरत ने इसे बड़ी फुरसत में बनाया हो. यह स्थल डलहौजी से 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. दरअसल, खजियार उस मनमोहक झील के लिए प्रसिद्ध है जिस का आकार तश्तरीनुमा है. यह स्थान देवदार के लंबे और घने जंगलों के बीच स्थित है. गोल्फ खेलने के शौकीन पर्यटकों को यह स्थान विशेष रूप से पसंद आता है क्योंकि यहां एक शानदार गोल्फ कोर्स भी मौजूद है. चामुंडा देवी मंदिर बानेर नदी के तट पर स्थित है. यह इस जगह का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है.

क्या खरीदें-
यहां से आप तिब्बती व हिमाचली शिल्प की वस्तुएं, शाल और टोपिंयों व मेवे खरीद सकते हैं. यहां चैगान के चारों और फैले बाजार में हिमाचली वस्त्र, चप्पल व मेवों की बहुत दुकाने हैं. वैसे यहां के रूमाल भी प्रसिद्ध है जो खरीदें जा सकते है. यहां का तिब्बती बाजार काफी अच्छा है.
कैसे जाएं-
डलहौजी निकटतम रेलवेस्टेशन पठानकोट है, जो यहां से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जम्मूतवी जाने वाली लगभग सभी टेने पठानकोट होकर जाती हैं. पठानकोट दिल्ली के अलावा जालंधर, अमृतसर और जम्मू से भी जुड़ा है. वायुमार्ग से पहुंचने के लिए यहां का निकटतम एअरपोर्ट गग्गल, कांगड़ा है, जो लगभग 124 किलोमीटर दूर स्थित है. सड़कमार्ग में पठानकोट और अन्य स्थानों से बस या टैक्सी से डलहौजी से पहुंचा जा सकता है.
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