बच्चों की समर वेकेशन्स शुरू होते ही मदर्स ने भी अपनी अपनी क्लासेज ज्वाइन कर ली है। कोई कुकिंग में अपने हाथो का स्वाद बढ़ा रहा है तो कोई डांस मूव्स सीखने की कोशिश कर रहीं हैं। हम आपको सिटी की कुछ ऐसी ही मॉम्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें हर साल बच्चों की वैकेशन्स का बेसब्री से इन्तजार रहता है।
कार ड्राइविंग सीख के बच्चों की वैकेशन्स एन्जॉय करुँगी
गोमतीनगर में रहने वाली मधुरिमा बाजपाई के बेटे ने इस साल दसवीं के एग्जाम दिए हैं। वो सीएमएस के गोमतीनगर ब्रांच में पढता है। मधुरिमा ने बताया कि वो बच्चे के एग्जाम खत्म होने का ही वेट कर रही थी। उन्होंने बताया कि ऐसे समय नहीं मिल पाता था, सुबह उठकर टिफिन बनाना, उसके बाद घर के काम। अपने लिए तो वक़्त ही नहीं मिल पाता था। अब इस बार मैं कार की ट्रेनिंग ले रही हूँ। मैंने क्लब्स ज्वाइन किए हैं, और फिर दोस्तों के घर आना जाना रहता है। हर समय ऑटो से मैनेज नहीं हो पाता। इसी लिए घर वालों की तरफ से भी जोर था, वो चाहते थे कि मैं कार सीख लूँ। मेरा तो मन था ही, बस बेटे की छुट्टी होते ही मैंने ज्वाइन कर लिया। उन्होंने बताया कि बच्चे की हर समर वैकेशंस में वो कुछ न कुछ नया सीखती हैं। पिछ्ली बार उन्होंने मेक्सिकन खाना बनाना सीखा था।
बेटी की छुट्टियों में सीखना है डांस मूव्स
पारा में रहने वाली रागिनी दीक्षित राजाजीपुरम के गुलमोहर डांस अकादमी से डांस सीखने की शुरुआत करेंगी। रागिनीं ने बताया कि डांस अकादमी में बात तो उन्होंने एक महीने पहले ही कर ली थी, बस इंतजार था तो बेटी की छुट्टियों का। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी गौरी मिलेनियम स्कूल में आंठ्वी की स्टूडेंट है। उसकी वैकेशंस स्टार्ट होते ही वो डांस क्लासेज ज्वाइन कर लेंगी। उन्होंने कहा कि अभी उनकी बेटी इतनी बड़ी नहीं हुई है कि वो खुद से ही स्कूल की तैयारी कर ले या नाश्ता ले ले. इसीलिए अब तक पॉसिबल नहीं हो पाया। अब छुट्टियां होंगी उसकी और क्लासेज शुरू होंगी मेरी। कई बार ऐसा होता है कि घर की शादियों और दोस्तों की पार्टी में बिना डांस के पार्टी पूरी ही नहीं होती। ऐसे में मुझे डांस सीखने की जरुरत लगी तो मैंने ज्वाइन करने का सोचा।
छुट्टियों में बढ़ाऊँगी अपने हाथ का स्वाद
राजाजीपुरम में रहने वाली मोना सिंह को कुकिंग का बहुत शौक है। उनकी बेटी नव्या अभी नर्सरी में ही है ,इसीलिए अभी उनका सारा समय उसकी देखभाल में ही जाता है। इसके अलावा वो बिना उनके स्कूल के लिए रेड़ी भी नहीं होती। और अपने लिए वो समय ही नहीं निकाल पाती हैं। उन्होंने कहा कि अब उसकी छुट्टी हो रही है और घर में वो दादा दादी के साथ रहेगा। इस बीच मैं कुकिंग क्लास ज्वाइन करुँगी। उन्होंने बताया कि नॉर्मल खाना बनाना तो आता ही है पर मेरे घरवालों की हमेशा शिकायत रहती है कि मैं कुछ नया नहीं ट्राई करती। इसके लिए इस बार मैंने कुकिंग क्लास ज्वाइन की है और चाइनीज डिशेस बनाना सीखूंगी।
