७२ गृहलक्ष्मी मई २०१६

मां बनना वाकई एक सुखद अहसास है लेकिन यह खुशी बरकरार रहे, इसके लिए जरूरी है कि आपके घर में बेबी और खुद को कंफर्टेबल महसूस कराने वाले कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स हों, जोकि आपकी लाइफ को बना दें आसान ताकि आप अपने जीवन में आई इस नई खुशी को महसूस और एन्जाय कर सकें। आइए जानें कुछ ऐसे ही प्रोडक्ट्स के बारे में जो बच्चे और आपके लिए जरूरी हैं।
कोम्बी पोड बाउंसर
इस प्रोडक्ट में वाइब्रेट करने वाली सीट है जिससे
कि बच्चे को सुलाना आसान है। आप अपने
हाथों में हिला हिलाकर बच्चे को सुलाएं या फिर
इस वाइब्रेटिंग सीट के जरिए सुलाएं, एक ही बात
है। इसमें ऊपर की तरफ एक स्टैंडनुमा हैंडल है
जिससे बच्चे के बैठने के दौरान ना गिरने की
सेफ्टी भी बनी रहती है और उस हैंडल पर हैंगिग
टायज भी लटकाएं जा सकते हैं जिसे देखकर
बच्चा खुश हो। कई बाउंसर में म्यूजिक की भी
सुविधा होती है जिसे आप अपनी इच्छानुसार
चला सकती हैं।
फीडिंग सपोर्ट पिलो
बेबी के होने के बाद आपके दिन का ज्यादातर या
यूं कहें कि एक बड़ा हिस्सा बेबी को फीड कराने
में चला जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस
स्थिति को कंफर्टेबल बनाया जा सके ताकि बच्चा
और मां दोनों को ही आराम मिल सके। इससे
फीडिंग के समय बैक को भी आराम मिलता है
और पोजीशन भी सही रहती है।
नर्सिंग ब्रा टैंक
यह स्पैगिटी की तरह होता है और इसके अंदर
ब्रा की एक अलग लेयर होती है। इससे बच्चे
को फीड कराने में काफी आसानी होती है।
इसमें कई कलर और डिजाइन आते हैं
जिसे आप अपने अनुरूप ले सकते हैं।
सेफ कार सीट बेबी कैरियर स्नूगल टोटल बॉडी पिलो कंएडजस्टेबल बच्चे के जन्म के बाद आपके और बच्चे के आराम के लिए बाजार में कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, जिनको लेकर आप अपने बच्चे के आराम और सुरक्षा को लेकर निश्चिंत हो सकती हैं।

स्नूगल टोटल बॉडी पिलो
प्रेगनेंसी के दौरान और उसके बाद भी पूरी बॉडी
को कवर करता हुआ यह पिलो स्लीपिंग पोजीशन
को बहुत ही आसान बना देता है। यह पिलो बहुत
ही साफ्ट होता है और बॉडी के साथ-साथ पैरों
और टमी के लिए भी काफी आरामदायक होता
है। इसे आप किसी भी करवट से ले सकते हैं
और बेबी होने के बाद बेबी के साथ भी इसे यूज
किया जा सकता है।

कंगारू कार्नर एडजस्टेबल पाउच
इस पाउच को ज्यादातर स्मार्ट मॉम्स इस्तेमाल
करती हैं इसके जरिए वो अपने हाथों को फ्री
रखते हुए भी बेबी को अपने पास रखती हैं। यह
पाउच एडजस्टेबल होता है इसे आप अपनी मर्जी
से अपने और बेबी के साइज के अनुसार छोटा या
बड़ा कर सकती हैं। इस पाउच का फैब्रिक भी
आप सीजन के अनुरूप चुन सकती हैं। इससे मां
के कंधों को भी काफी आराम मिलता है क्योंकि
यह बहुत लाइट वेट होता है।
बेबी सॉफ्ट बिब
यह नार्मल बिब की तरह नहीं है। इसमें ऊपर की
ओर खुली हुई एक पाकेट होती है। बच्चा खाते
समय जो कुछ भी गिराता है वो सब कपड़ों पर
और फर्श पर गिरने के बजाए सीधे इस पाकेट में
जाता है। बाद में इस पाकेट को आसानी से साफ
किया जा सकता है। यह एक तरह से डस्टबिन
का काम करता है।
ब्रेस्ट पम्प
कई बार मां को बेबी को फीड कराने में मुश्किलें
होती हैं या वह वॄकग है जो दिन में बच्चे को
फीड नहीं करा सकती तो ऐसे में वह पम्प की
सहायता से आसानी से दूध को बोटल तक पहुंचा
सकती है ताकि जरूरत पडऩे पर बच्चे को दूध
पिलाया जा सके। इससे यह भी पता चल जाता है
कि बच्चे ने कितना दूध पिया है और कितना
नहीं।

सेफ कार सीट
बेबी की सेफ्टी और कंफ्र्ट के लिए आपकी नजर
में बेबी सीट का होना बहुत जरूरी है। इससे बच्चे
के गिरने का खतरा कम हो जाता है क्योंकि इसमें
आगे की तरफ एक लंबी रॉड लगी होती है जो
बच्चे को कार सीट से नीचे नहीं गिरने देती। इस
कार सीट में पीछे की तरफ एक पिलो भी लगा
होता है जिससे बच्चे की गर्दन को भी सहारा और
आराम मिलता है।
बेबी बाथ फोम
यह एक तरह की फ्लैक्सिबल फोम होती है, जो
आपके सिंक पर पूरी तरह से फिट हो जाती है,
इसमें बिठा कर बच्चे को आसानी से नहलाया जा
सकता है। इसमें से बच्चे के फिसलने का डर भी
नहीं होता है। यह बहुत लाइट वेट होता है
इसलिए इसे आप ट्रैवलिंग के दौरान भी अपने
साथ ले जा सकते हैं। बच्चे को नहलाने का यह
तरीका बहुत ही आसान है।
स्ट्रोलर
शहरों में रहने वाली माम्स के लिए यह बहुत
काम की चीज है। माल घूमने जाना हो या शापिंग
करनी हो, हर जगह बेबी को स्ट्रोलर में लिटाकर
आराम से घूमें। अगर आपके पास जगह की कमी
है तो इसे फोल्ड करके भी रखा जा सकता है
जिससे यह जगह भी कम घेरता है। जब जरूरत
हो तब खोल लें। इसमें ऊपर की तरफ एक छतरी
होती है जो बच्चे को गरमी और सर्दी से बचाती
है। इसमें बच्चे का सामान रखने की पाकेट भी
होती है।
बेबी कैरियर
इसमें शोल्डर स्ट्रैप और सपोर्ट होती है जिससे
बच्चे को उठाने में कंधे नहीं दुखते हैं और आराम
रहता है। इसकी शेप कुछ इस तरह की होती है
कि बेबी भी इसमें आसानी से हिल डुल सकता है
लेकिन गिरने का खतरा नहीं होता है। अगर कहीं
ज्यादा पैदल चलना हो या लंबी दूरी तय करनी
हो तो उसके लिए यह अच्छा प्रोडक्ट है। 

एनआईसीयू के बारे
में 10 जरूरी बातेंएनआईसीयू के बारे

यदि आपके घर में नवजात शिशु का
आगमन हो रहा है तो आपको अपने
अस्पताल की नवजात शिशु देखभाल
इकाई (एनआईसीयू) के बारे में पर्याह्रश्वत
जानकारी का होना आवश्यक है क्योंकि नौ
माताओं में से एक गर्भावस्था की पूरी अवधि
(37 हफ्ते या अधिक) तक नहीं पहुंच पाती
तथा शिशु को अप्रत्याशित रूप से एनआईसीयू
में जाना पड़ता है। सिर्फ समय से पहले प्रसव
ही नहीं बल्कि अन्य कई कारण हैं जिनकी
वजह से नवजात शिशु को एनआईसीयू में
रखना पड़ सकता है, जैसे- प्रसव के समय
शिशु को कोई समस्या हो गई हो अथवा जन्म
के बाद सांस लेने की समस्या या आहार
संबंधित समस्या। यदि इस तरह की कोई
अप्रत्याशित समस्या आती है तथा आपके शिशु
को एनआईसीयू में जाना पड़ता है, उसके लिए
प्रसव पूर्व ही आपको अपने अस्पताल के
एनआईसीयू के बारे में निम्नलिखित जानकारी
होनी जरूरी है-
 क्या आपका एनआईसीयू, गंभीर रूप से
बीमार तथा प्रीमेच्योर शिशु की देखभाल करने
में सक्षम है? क्या उसके पास जरूरी अनुभव,
उपकरण, अनुसंधान और प्रक्रियाएं हैं?
 क्या आपका एनआईसीयू, पिछले वर्ष के
परिणाम तथा आंकड़े आपको प्रदान करता है?
 क्या बाल चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम जो
कि नवजात शिशु रोग में विशेष प्रशिक्षित है,
24&7 एनआईसीयू में उपलब्ध है?
 क्या अस्पताल में उच्च जोखिम प्रसूति
विशेषज्ञों की टीम है?
 क्या एनआईसीयू देखभाल के विभिन्न स्तरों
(स्तर 1, 2 तथा 3) से लैस है और वहां शिशु
के पोषण की जरूरत कैसे पूरी होंगी?
 एनआईसीयू सक्रिय रूप से अनुसंधान और
शिक्षा में शामिल है?
 क्या माता-पिता को एनआईसीयू के अंदर
जाकर अपने शिशु के साथ समय व्यतीत करने
की सुविधा उपलब्ध है?
 क्या एनआईसीयू का पर्यावरण (प्रकाश
और शोर जोखिम) बच्चे के मानसिक विकास
के अनुकूल है?
 क्या एनआईसीयू में नवजात शिशु की सांस
संबंधी गंभीर समस्याओं के लिए जरूरी
संसाधन जैसे उच्च आवृति वेंटीलेटर,
सीपीएपी, आदि सुविधाएं मौजूद है?
(डब्ल्यू हॉस्पिटल, गुडग़ांव की
गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. रागिनी अग्रवाल से
बातचीत के आधार पर)